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रसोई में दोस्त की माँ को चोदा

मैंने अपनी दोस्त की माँ की जबरदस्त चुदाई की और अपने लैंड से निकला स्वाद माल उनके शरीर के अंदर झाड़ दिया। हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अमित शर्मा है और मेरी कहानी रसोई में दोस्त की माँ को चोदा पड़ कर आपके खड़े लंड में दर्द होने लग जायेगा। मेरी उम्र 25 साल है और मैं बड़ी उम्र के औरतो में दिलचस्पी रखता हूँ। 

मेरी ये अन्तर्वासना कहानी करीब 5 महीने पुरानी है जब मैं अपने दोस्त के घर उसका कंप्यूटर ठीक करने गया था। एक दिन अचानक उसका फ़ोन आया और वो बोला अरे अमित मेरा कंप्यूटर खरब हो गया है जरा देख ले यहाँ आकर। 

मैंने उसके कहा ठीक है मैं कल आकर देखता हूँ। मेरे उस दोस्त का नाम रमन था जो मेरे घर से काफी दूर रहता था। मैं जैसे ही उसके घर पंहुचा उसकी मॉम ने दरवाजा खोला और मेरा स्वागत किया। 

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उसके बाद मैं और मेरा दोस्त साथ में उसका कंप्यूटर देखने लगे तभी रमन की मम्मी ने कहा बेटा मैं तुम्हारे लिए कुछ अच्छा से बना कर लाती हूँ ठीक है !!

रमन काफी भोंदू लड़का था वो स्कूल के दिनों से ही मोटी बुद्धि का था पर उसकी मॉम काफी सेक्सी और हॉट थी। उनके भारी लटके स्तन और चोदने के लयक गांड देख मेरा वहा लंड खड़ा होने लगा और मैं दोस्त की मां की चुदाई करने का सपना देखने लगा।   

कॉलेज के दिनों में मैंने काफी सारा GYM किया जिस कारण मेरी अच्छी और मर्दाना बॉडी थी पर रमन तो काफी पतला और मुठ मारने वाला लड़का था। मेरा हटा कटा शरीर देख रमन की मम्मी इम्प्रेस होने लगी और मैं उनके सामने और छाती छोड़ी कर के रमन के साथ लगा रहा। 

आंटी की आंखे मेरे शरीर पर थी कभी वो मेरी बड़ी बड़ी बाजु देखती तो कभी सख्त छाती के मर्दाना बाल मुझे देख उनकी चुत गीली हो रही थी और उन्हें देख मेरा लंड। 

रमन – भाई क्या हुआ बता न कहा खो गया है तू ?

अमित – भाई तेरे कंप्यूटर की RAM खरब हो गई है !!

रमन – ये क्या होता है भाई ?

अमित – तू पड़ा लिखा अनपढ़ है साले। 

रमन – फालतू मत बोल जल्दी से बता क्या करना है इसका।

अमित – तेरे यहाँ कोई कंप्यूटर की दुकान है तो वह से 4GB की RAM लेकर आजा अभी करदूंगा ठीक। 

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(अब रमन RAM खरीदने बाहर चला जाता है और मुझे उसकी मम्मी के साथ दोस्ती यारी बढ़ाने का मौका मील जाता है। उसके जाने के बाद मैं रसोई में उसकी मम्मी के पास जाता हूँ और बाते करने लग जाता हूँ।)

मैंने पहले अपने किसी दोस्त की माँ को चोदा था और आज मैं ये काम करने जा रहा हूँ दोस्तों मेरी तो किस्मत और बॉडी दोनों अच्छी थी पर आप ऐसा कभी मत करना। 

अमित – अहह आंटी जी क्या बना रही है आप काफी अच्छी खुशबू है।

आंटी – बेटा रमन ने बताया तुझे पनीर के पकोड़े बड़े पसंद है इसलिए ये बना रही हूँ। 

अमित – अरे आंटी जी इतना सब क्यों कर रहे हो आप हम बाहर से कुछ मंगा लेते। 

आंटी – नहीं नहीं बता तुम घर का अच्छा खाना खाओ बाहर क्या रखा है। तुमने इतनी अच्छी बॉडी बनाई है बाहर का खा कर इसे खराब न करो। 

अमित – हाहा वो बस कभी कभी !

आंटी – अच्छा तुम्हारी छाती का साइज क्या है ?

अमित – क्यों ? वैसे मैंने कभी नापा नहीं। 

आंटी ने गैस बंद क्या और मेरे मुँह में एक पकोड़ा डाल कर मेरी छाती को अपने हाथो से नापने लगी। उनके मुँह पर एक शैतानी मुस्कान देख मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा। साफ पता लग रहा था आंटी सेक्स करना चाहती थी। 

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आंटी मेरे कान ने पास आई और मुझे  बोली ” रमन को मैं इतना बोलती हूँ की अपनी सेहत सही करले पर नहीं ऊपर से उसके पापा भी हलवाई जैसे हो रखे है ! “

मैंने अपनी शर्ट का बटन खोला और आंटी को अपने एब्स दिखा कर बोला ” उन्दोनो को छोड़िए आप मेरे साथ कसरत करना शुरू करे। “

आंटी ने मेरे एब्स पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और वो मेरे शरीर का पूरा आनंद लेने लगी। मौका दिख मैंने उन्हें कहा ” मैंने कभी अपनी छाती तो नहीं नापी पर इतना जरूर केह सकता हूँ की आपकी छाती मेरी छाती से ज्यादा बड़ी और ज्यादा नरम है। “

ये सुनकर आंटी मुस्कुरा कर मेरी आँखों में देखने लगी उन्होंने मेरा हाथ लिया और उसे अपने स्तनों पर रख कर कहा लो पहले सही से देख लो। 

हाथो में बड़े बड़े दूधिया थान आते ही मेरे मुँह में पानी आने लगा। उस वक्त मन कर रहा था की आंटी का ब्लाउज फाड़ कर उनके स्तनों को दबा दबा कर चूसने लग जाऊ। 

आंटी ने मेरे हाथो पर हाथ रखा और अपने स्तन मेरे हाथो से दबाने लगी। मुझे मजा तो काफी आ रहा था पर फिर भी मैंने कहा ” आंटी आप ये क्या कर रहे हो ?? “

आंटी ने घर से बाहर निकलने वाले दरवाजे को देखा और कहा तुम मर्द हो या कुछ और ?

आंटी के ऐसा कहते ही मेरी अंदर की कामवासना भड़क उठी और मैंने आंटी के टाइट ब्लाउज में हाथ डाल कर उनके बड़े और भारी स्तनों का मजा लेना शुरू कर दिया। उस वक्त मुझे बस जल्द से जल्द दोस्त की मम्मी की चुदाई करनी थी इस से पहले रमन वापस घर आ जाए।  

मैंने जल्दी से आंटी के स्तन ब्लाउज के नीचे से निकाले और उन्हें दबा दबा कर दोस्त की मम्मी के होठों पर चूमने लगा। मैं कभी उनके होठो को चूमता तो कभी उनके स्तनों को चुस्त साथ ही साथ अपने हाथो से उनकी गांड पीछे से दबाता रहता। 

आंटी – अहह बड़े कमीने हो बेटा। 

अमित – आप भी काफी बड़े रंडी हो !!

ये सुनते ही आंटी का मुँह बन गया और उन्हें मुझ पर गुस्सा आ गया। उसी वक्त मैंने अपना हाथ उनकी साड़ी के अंदर डाल दिया और उनकी चुत का मजा लेने लगा। 

मैं अपनी उंगलियों से उनकी गीली चुत को छेड़ने लगा और आंटी का गुस्सा वही पिघल गया। मैंने रसोई के अंदर ही उनकी साड़ी उठाई और उनकी कच्छी नीचे कर चुदाई शुरू कर डाली। 

पहले तो मैंने अपना लंड पैंट की जीप से निकाला और फिर आंटी के हाथ में दे दिया उसके बाद आंटी नीचे बैठ कर उसे थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने उनकी चुत गांड चोदना शुरू कर दिया।  

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आंटी की चुत काली और झाटो से भरी थी। गर्म गीली चुत से मुझे काफी आनंद आने लगा तो मैंने बिना सोचे समझे आंटी को झुकाया और उनकी चुत पर थूक कर अपने लसलसे लंड को अंदर घुसा दिया।  

उस दिन मैंने काफी मजे से dost ki maa ko choda और अपनी चुदाई की भूक को शांत किया। पर दोस्तों कहानी यही नहीं खत्म हुई। मैंने आंटी को रसोई में ही चोदना शुरू कर दिया। 

मेरे जबरदस्त धको से उनके स्तन आगे पीछे आगे पीछे हिल रहे थे जुन्हे मैं कभी कभी दबा भी रहा था। दोस्त की मम्मी की सेक्सी कमर मैंने अपने हवसी हाथो से जकड़ राखी थी और उनकी गांड पर मैं अपने कूल्हे जोर जोर से मार रहा था।  

मैं कभी तेजी से उनकी चुत चोदता तो कभी अपने लंड का माल रोकने के लिए धीरे धीरे। मैंने पहले कभी किसी औरत का भोसड़ा नहीं देखा था तो इसलिए मैं कभी कभी रुक कर नीचे बैठता तो आंटी का भोसड़ा खोल खोल कर देखता। 

तभी मेरा फ़ोन बजता है और मैं फ़ोन उठा और बात करता हूँ आंटी का भोसड़ा खोल खोल कर मैं फ़ोन पे बात करता हूँ और फ़ोन पर दूसरी तरफ होता है रमन। 

देसी पापा !!

रमन – भाई यहाँ तो सिर्फ 2GB वाली RAM है क्या करू ? 

अब लगा तो मैं वो भी सकता था पर मैंने उसे झूठ बोला और उसे घर से और दूर भेज दिया ताकि मैं दोस्त की मॉम की और चुदाई कर सकू। 

थोड़ी देर बाद आंटी को पीछे से चोदने के बाद मैंने मैंने आंटी को खड़ा किया और उनका मुँह अपनी तरफ कर के चोदना शुरू कर दिया। मैंने आंटी की एक जांघ उठाई और उनको एक पैर पर खड़ा कर के चोदना शुरू कर दिया। 

मैं तेजी से अपनी कमर हिला हिला कर आंटी की गर्म चुत में अपना लंड अंदर बाहर अंदर बाहर कर रहा था और साथ ही आंटी मेरी छाती पर चुम रही थी। 

उस वक्त मुझे जिंदगी का असली मजा आया। दोस्तों यही फायदा होता है बड़ी उम्र की औरत के साथ सेक्स करने का वरना आप किसी जवान लड़की के साथ होते तो अभी तक चुदाई के लिए बनाते रह जाते। 

चुदाई करते करते मैंने आंटी की सेक्सी कमर पर हाथ रखा हुआ था और मोटी जांघ को अपने एक हाथ से उठा कर जकड़ रखा था। आंटी सेक्सी आवाजे निकाल निकाल कर मेरी छाती और मेरे निप्पल्स को चाट रही थी उनकी गर्म गहरी सासे और मीठी अहह उह्ह्ह की आवाज और वो गर्म भोसड़ा और मोटी गांड और स्तन मेरे गोटो के अंदर का पानी उबाल रहे थे। 

चुदाई करते करते ऐसा लग रहा था जैसे आंटी के थन थोड़े और ज्यादा बड़े हो गए है। उनके पुरे शरीर पर मेरे हाथो से लाल निशान थे। काफी मजा आ रहा था उन्हें चोद कर। उनके बड़े बड़े गुम्बज और गहरी गर्म गुफा में अपना लिंग डालकर मुझे जीवन का सबसे बड़ा सुख मिल रहा था।

मैंने अंत में आंटी के बाल खींचे और हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते हुए सेक्स करतने लगे। आंटी की आँखों में देखते ही मुझे पता नहीं क्या हुआ मेरे गोटो का सारा पानी एक झटके में मेरे लंड से निकलने लगा। 

मेरे गोटो का गंदा पानी सीधा आंटी की सेक्सी गर्म चुत के अंदर चला गया। उसके बाद मुझे अचानक नशा सा हो गया। मुझे तेज नंद आने लगी और दिल करने लगा की आंटी की नरम छाती में मुँह देकर वही सो जाऊ। 

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पर वो वक्त सोने का नहीं था आंटी और मेरा शरीर चुदाई से पसीना पसीना हो गया और हम दोनों से लंड चुत के माल की बू आने लगी। 

मैं जल्दी से भगा और अपने कपड़े पहन कर आंटी के होठो पर चुम कर वहा से चला गया। 

जाते जाते आंटी ने जल्दी से एक परची पर अपना नंबर लिखा और मेरी जेब डाल कर वो भी नहाने चली गई। 

तो दोस्तों ये थी मेरी चुदाई कहानी रसोई में दोस्त की माँ को चोदा अगर अच्छी लगी तो मुझे मेल जरूर भेजना। 

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