Aunty Sex Story | Desi Sex Story | First Time Sex Story | Hindi Sex Stories | XXX Stories

सेक्सी रसीली आंटी को चोदा

आजकल के लड़के हॉट और रसीली महिलाओं पर ज्यादा फ़िदा होते है। मैं भी हुआ और मैंने तो हॉट चुदाई भी की इसलिए मेरी चुदाई की कहानी जरूर पढ़ना। मेरा नाम अभिषेक है और आज मैं आपको बताने जा रहा हूँ की कैसे मैंने सेक्सी रसीली आंटी को चोदा। आंटी के पति का लंड छोटा था या लटका हुआ मुझे नहीं पता पर मैंने तो अपना टोपा जोर जोर से आंटी के अंदर डाला। 

दोस्तों आंटी का नाम सपना था और उनकी उम्र करीब 37 साल होगी। उनकी सही उम्र तो मुझे नहीं पता पर उनका शरीर काफी रसीला था। मैं नोवी और दसवीं क्लास के बच्चो को घर पर पढ़ाया करता था। उन्ही बच्चो में से एक लड़के की वो माँ थी। 

आंटी का बेटा पढाई में काफी नालायक था और वो अक्सर टूशन की बंक भी मारा करता था। एक दिन जब उनका बेटा देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो वो उसे ढूंढ़ते हुए मेरे यहाँ चली आई। 

उस वक्त मैं घर और आधा नंगा कसरत कर रहा था और उन्होंने मुझे ऐसे ही देख लिए। मेरे बड़े बड़े डोले और सेक्सी abs देख आंटी की आँखे खुली की खुली रह गई। 

उन्होंने मुझे से अपने बटे के बारे में पूछा और मैंने उन्हें बता दिया की वो अपने दोस्तों के साथ बाहर कुछ खाने का प्लान बना रहा था अब वो कहा गए मुझे नहीं पता। 

उसके बाद आंटी अपने घर वापस चली गई और मैं कसरत करता रहा। 

अब जाते जाते आंटी की दिमाग में पता नहीं क्या आया वो वापस आकर अपने बेटे के बारे में कुछ न कुछ पूछने लगी। मैं उन्हें बिना कपडे पहने जवाब देता रहा और धीरे धीरे आंटी की जनर मेरी सेक्सी छाती पर चली जाती। 

मैं जहा रहता था वो जगह मैंने किराए पर ले रखी थी और वहा मेरे अलावा कोई नहीं रहता था और ये बात आंटी को पता थी। उन्होंने बाहर का दरवाजा बंद किया और मैं उन्हें देख कुछ समज नहीं पाया। 

दरवाजा बंद कर के आंटी ने मेरे तरफ देखा और अपने एक हाथ से अपना पलु नीचे गिरा कर अपनी बड़ी छाती मुझे दिखाने लगी।  

मैं आंटी का सेक्सी पेट और उनके ब्लाउज में छुपे फुले स्तन देख कर बोला ” आंटी जी आप ये क्या कर रहे हो ?? “

आंटी मेरे पास आकर बोली ” तुम दिन रात अकेले रहते हो न ? “

मैंने सर हिला कर जवाब दिया और आंटी ने मेरी गर्दन पर हाथ रखा और उसे झटके से पास खींच कर मेरे मुँह को अपने स्तनों में दबोच लिया।  

बस जैसे ही मेरा मुँह उनके नरम और गर्म स्तनों के अंदर घुसा मेरा लंड झट से खड़ा हो गया। बस यही से मेरी अन्तर्वासना कहानी शुरू होती है दोस्तों। 

मैं बिना कुछ सोचे रसीली आंटी के स्तनों को ब्लाउज के ऊपर से ही चुने लगा और आंटी कभी मेरे कंधे तो कभी मेरी गर्दन पर हाथ फेरती रहती। 

धीरे धीरे कामुक होकर मैंने अपने दोनों हाथो से आंटी की सेक्सी गोल गांड जकड़ ली और उन्हें दबाने लगा। 

आंटी धीरे धीरे अपने पुरे शरीर को ढीला छोड़ने लगी। 

कुछ देर तक उनके स्तनों को अपने मुँह पर महसूस करने के बाद मैंने जल्दी से आंटी के ब्लाउज को उतारा और उनके सेक्सी होठो को चूमते हुए उनके स्तनों को हाथो में लेकर खड़ा हो गया। 

उसके बाद मैंने थोड़ा थूक अपने मुँह में भरा और उसे आंटी के मुँह के अंदर थूक कर होठो को बार बार चूमने लगा। आंटी के मुँह से सारा थूक बहकर उनके सेक्सी स्तनों की दरार के अंदर चला गया। 

आंटी की चुत इतनी गीली हो गई की वो साड़ी उतार कर मेरे सामने झुक कर खड़ी हो गई।  

मैं अपने लंड को निकाला और उसे हिलाते हुए आंटी का पेटीकोट उठा कर आंटी के बड़े से पिछवाड़े को देखने लगा। 

आंटी ने आगे रखे छोटे से टेबल पर अपने हाथ टिकाए और अपनी गांड पूरी बाहर निकाल कर मुझे अपनी चुत देखने लगी। 

आंटी के परे के बीच से सेक्सी लार टपक रही थी जिसे मैं देख कामुक हो उठा। जोश जोश में मैंने आंटी की गांड दोनों तरफ से पकड़ी और उसे जोर से खोल कर अंदर का सारा गुदा चाटने लगा। 

गांड अंदर से निकलता रस मेरी आत्मा को झिंझोड़ दिया और मेरे लंड से तेल निकलने लगा। 

अब दोस्तों उस वक्त 9 बज रहे थे मुझे लगा की आंटी तो सारी रात यहाँ नहीं रुक सकती तो इसे पहले वो जाने के लिए कहे मैं सबकुछ जल्दी जल्दी कर देता हूँ। 

मैं अपना लंड पकड़ा और उसे चुत के ऊपर रख कर अंदर दबा दिया। 

इस तरह लंड चुत के अंदर जा पहुंचा और आंटी की चीखे निकलने लगी। 

आंटी की चुत अंदर से गर्म और गीली थी और मैंने चुत का एहसास पहली बार किया था। 

मैं आंटी की कमर पर हाथ रख कर उनके बड़े बड़े चूतड़ों पर अपनी कमर मार मार कर चुदाई करने लगा।  

मैं कभी आंटी की कमर पकड़ता तो आगे झुक कर उनके दोनों स्तनों को अपने हाथो में लेता। आंटी काफी सेक्सी थी और उनकी दोनों चूचिया बड़ी बड़ी और काली थी। 

मैं उन्हें नीचे की तरफ खींचता हुआ मजे लेता रहा और अपने पुरे हाथ से स्तन को पकड़ कर जोर जोर से उलटे सीधे तरीके से दबाता रहा। कुछ ही देर मैं आंटी से दोनों चूतड़ों के बीच से लसलसा माल बाहर आने लगा। 

उस पानी से मेरा लंड तो गीला हुआ ही साथ में नीचे का फर्श भी सन गया पर मैं आंटी को चोदता रहा। 

हम दोनों ने काफी शर्मनाम काम किया इसलिए हम चुदाई के दौरान कुछ नहीं बोले। हमे पता था की हम क्या कर रहे है पर अपने अपने लिंग की वजह से हम खुद को रोक न सके। 

सेक्सी रसीली आंटी को चोदा और काफी जबरदस्त चोदा जिस वजह से उनका पानी निकल गया।  

अब कूल्हे हिलाते हिलाते मैं भी थक गया तो मैंने आंटी को उठाया और उनके दिवार के साथ चिपका कर कोने में खड़ा कर दिया। और आगे बड़ कर मैं उनकी एक टांग उठाया और उन्हें खड़े खड़े चोदने लगा। 

आंटी के स्तन मेरी सख्त छाती से चिपक गए और उनके हाथ मेरे हाथो से। हम दोनों एक दूसरे के गर्म शरीर से और गर्म होने लगे और मैं उनकी एक टांग उठा कर चुत में लंड डाल कर चोदता रहा। 

बस इसी तरह आंटी पागल होकर कभी मेरे हाथ चुस्ती तो मेरी जबान। मैं पागल होकर उनके साथ सेक्स करता रहा और अगले ही पल मेरा जड़ने वाला था। मैंने झट से अपने लिंग को बाहर निकाला और बस अपना माल आंटी की सेक्सी जांघ के ऊपर गिरा दिया। 

मेरा सारा रायता उनकी जंग पर गिलने से आंटी को गर्म गर्म लगने लगा। 

लंड से पानी निकलने के बाद वो लम्बा सा होकर लटकने लगा। मैंने आंटी की जांघ नीचे राखी तो आंटी मुझे हस्ते हुए देखने लगी। 

वो देखते हुए नीचे बैठी और मेरे लटकते लिंग को चूसने लगी। 

अब माल निकल जाने के बाद हर लड़के को लिंग हिलने पर दर्द होने लगता है। 

और वो दर्द मुझे भी होने लगा जब आंटी मेरे टोपे को जोर जोर से चूसने लगी। 

उसके बाद जब मुझ से और नहीं सहा गया तो मैंने आंटी को रोक दिया। पर आंटी की पूरी कोशिश थी की वो दोबारा उठ खड़ा हो जाए। 

तो दोस्तों इस तरह मैंने सेक्सी रसीली आंटी को चोदा और मजा किया। 

Similar Posts