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अकेले सोती हुई बहन की चुदाई

मैंने अपनी बड़ी बहन की सोते वक्त चुदाई शुरू कर दी। मेरे लंड की रगड़ से उसकी आँख खुली तो मुझ देख हैरान हो गई। दोस्तों मेरा नाम है तुषार और आज मैं अपनी Sex Kahani आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ। मेरी कहानी का नाम अकेले सोती हुई बहन की चुदाई जानकर आप सभी को पता ही लग गया होगा की अब क्या होने वाला है। 

मैंने अपनी अकेले सोती हुई बहन की चुदाई तब की थी जब मैं कॉलेज से घर आया था। इस अन्तर्वासना कहानी को सिर्फ मजे के लिए पढ़ना और उसे असल जिंदगी में मत करना दोस्तों वरना आपके साथ अच्छा नहीं होगा। 

एक दिन थका हारा मैं घर आया तो मुझे काफी गर्मी लग रही थी। मैं घर के AC वाले कमरे में आराम करने चला गया। वहा देखा तो मेरी बड़ी बहन सो रही थी। मेरी बड़ी बहन का नाम रवीना था जो 25 साल की जवान और सुंदर लड़की थी। 

मैंने कभी उसे गन्दी नजर और उसके बारे में वैसा नहीं सोचा था पर पता नहीं क्यों हमारे बीच ये सब हो गया। 

मैं कमरे में आया और अपनी पसीने से गीली कमीज उतार कर सोफे पर बैठ गया। आराम करते करते मेरी नजर बहन पर गई जो पास पड़े सिंगल बेड पर सो रही थी। 

उसने जैसे ही करवट बदली मेरा तो दोस्तों लंड खड़ा हो गया। 

वो पलट कर मेरी तरफ मुँह कर के सोने लगी जिस वजह से मैं उसके स्तनों की सेक्सी दरार देखने लगा।    

गर्मिया चल रही थी इसलिए उसने भी काफी छोटे कपड़े पहन रखे थे। उसका सेक्सी बदन छोटे कपड़ो में देख सोच ख़राब होने लगी। 

उसे करीब से देख तो मुझे पता लगा बहन की गंदा चुदाई वाला सपना देख रही थी क्यों की उसकी दोनों चूचिया खड़ी थी और चुत की तरफ से पजामा गीला था। 

मैं पास जाकर उसके चुत के पानी को सूंघने लगा और उसके स्तनों को और करीब से निहारने लगा। 

मेरी बहन मुँह से बड़ी तो थी ही साथ ही वो मुझ से लम्बी और अच्छी खासी चर्बी वाली थी वो क्या कहते है इंग्लिश में BBW थी वो। 

तो मैंने धीरे धीरे अपने लिंग को हिलाना शुरू कर दिया और बस दो बार हिलाते ही वो तन कर मेरी बहन को सलामी देने लगा। उसी वक्त मेरी कामवासना की इच्छा बढ़ गई और मैं हिमत कर के अपनी बहन को छूने की कोशिश करने लगा। 

मैं आगे बड़ा और उसकी जांघ पर हाथ रख कर उसके सेक्सी तरीके से चुने लगा। जब उसने कुछ नहीं किया तो मैं अपना एक हाथ उसकी सेक्सी छाती पर रखा और उसके स्तन को हल्के हाथ से दबाने लगा। 

मैंने अपनी उंगलियों से उसकी चूचिया भी खींची जिस वजह से मेरी बहन और सेक्सी हो गई और अपनी चुत से और पानी छोड़ने लगी। 

मैं जो जो कर रहा था उस से वो सोते सोते ही कामुक हो रही थी। 

तो मैंने धीरे से अपना एक हाथ उसके फजामे में घुसाया और उसकी कच्छी के अंदर गीली चुत को अपनी उंगलियों से आराम देने लगा। 

तो दूसरे हाथ से उनकी ब्रा में हाथ डाल कर स्तन दबाने लगा। रवीना नंद में ही मुस्कुराने लगी। शायद उसे ऐसा लग रहा होगा जैसे उसका बॉयफ्रेंड या पति उसके साथ ये सेक्सी हरकते कर रहा है। 

मैं अपने हाथ इसी तरह चलाता रहा और अपनी बहन को कामुक मजा देता रहा पर जब मुझे लगा की मैं चुत को चोद सकता हूँ तो मैंने धीरे धीरे उसका पजामा नीचे किया और अपने लंड को उसकी गांड के बीच की सेक्सी चुत में घुसाने लगा। 

थोड़ा धीरे धीरे करके मैंने उसकी रस भरी चुत में अपना सूखा डंडा डाला।  

मैं धीरे धीरे उसकी चुत को चोदने लगा और सेक्सी आनंद लेने लगा। उसकी चुत कितनी आराम दायक थी की मैं अपनी कमर रोक ही नहीं पा रहा था। 

जाने अनजाने में मैंने चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दी और अपनी कमर जोर से हिला कर उसकी गांड पर मारने लगा। 

अचानक रवीना दीदी की आँख खुल गई और वो अपनी गर्दन गुमा कर मुझे देखने लगी। पर मुझे बिलकुल पता नहीं लगा की वो कब उठी क्यों की मैं अपनी आंखे बंद कर के उसके स्तनों को दबोच रखा था और अपनी गांड हिला कर उसकी गांड चोद रहा था। 

जब मैंने आंख खोली तो देखा दीदी हैरानी के साथ मुझे देख रही थी और बोली ” ये क्या कर रहा है ? “

मैंने अपनी कमर वही रोक दी और लंड अंदर ही रखा और उनको जवाब दिया ” अहह कुछ कुछ नहीं वो “

मैं डर गया और सोचने लगा की अब दीदी क्या करेगी ? अब मेरा क्या होगा ? ये मैंने क्या कर दिया ?

अंत में मैंने सोचा की मैं वहा से भाग जाऊ। मैंने धीरे से लंड बाहर खींचा तो वो चुत से फिसलता हुआ बाहर निकल गया। 

तभी दीदी ने अपना हाथ पीछे किया और मेरा लंड पकड़ कर अपनी चुत में दोबारा गुसा दिया। 

दीदी का ये इशारा मैं समझ गया और चुप चाप उनकी चुत को दोबारा चोदने लगा। 

दीदी की पूरी हाँ थी इसलिए मैं अपनी पूरी ताकत से उनकी गांड पर धके लगाने लगा और उनके सेक्सी मोटे स्तन पीछे से दबोच कर दबाता रहा। 

दीदी भी धीरे धीरे गहरी और तेज सासे लेने लगी। मैं अपना लंड हिला हिला कर उनकी चुत चोदता रहा। 

थोड़ी देर बाद पास पड़ी चादर मैंने हम दोनों के ऊपर लेली ताकि अगर कमरे में कोई आए तो वो हमे पूरा नंगा न देख ले। 

अंदर कमरे हिला हिला कर मैंने सारा मामला गर्म कर दिया और चुत के रस से बिस्तर हल्का हल्का गिला होने लगा। 

मैं चुदाई करता हुआ आगे बड़ा और दीदी की गर्दन और अपने हाथो से चूमने लगा। दीदी तभी पीछे मुड़ी और सेक्सी सासे लेती हुई मेरी आँखों में देखने लगी। 

देखते देखते उन्होंने मेरे हाथो को चूमना चूसना शुरू कर दिया। 

और मैं अपनी चरमोत्कर्ष तक जा पंहुचा। मैंने अंत में एक जोर दार झांकता दिया और जल्दी से अपना लंड बाहर निकाल कर अपना माल उनकी जांघो के बीच छोड़ दिया। 

बहन तब भी पूरी कामुक थी वो मजे से मेरे लिंग को अपनी जांघो के बीच रगड़ने लगी और मैं कपकपाता रहा। 

थोड़ी देर तक हम दोनों उसी तरह लेते रही। दीदी मेरे आगे लेटी थी और मैं उनसे पीछे चिपक कर लेटा था। 

इस तरह मुझे काफी तेज नींद आने लगी और मैं वही सो गया। 

जब आंख होली तो दीदी जा चुकी थी और उन्होंने मुझे मेरा कच्छा और जीन्स भी वापस पहना दी थी। 

तो दोस्तों ये थी मेरी दीदी की सेक्स कहानी जो मैंने आज आपको सुनाई। आपको जैसी भी लगी प्लीज मुझे मेल बेज कर बताना।    

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