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झोपडी में प्रेस वाली के साथ चुदाई भाग 2

तो दोस्तों अब हुआ क्या मैं अगले दिन प्रेस वाली की दुकान पर चला गया। वहा वो अकेली मेरी इंतजार कर रही थी। उसने मेरा हाथ पकड़ा और खींच कर पास वाले झोपड़े में लेजाने लगी तभी मैं हैरान हो गया।

वो मुझे गंदे झोपड़े में लेजा कर चुदाई करना चाहती थी। दोस्तों मेरा नाम नमक है और ये मेरी Antarvasna Kahani का दूसरा भाग है पहला भाग पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाए।

झोपडी में प्रेस वाली के साथ चुदाई भाग 1

तो दोस्तों अब करता भी में क्या मैंने अपना लिंग पकड़ा और प्रेस वाली के साथ उसकी झोपडी में घुस गया। अंदर जाते ही पहले तो उसने मुझे प्यार से देखा उसके बाद मेरे गले लग कर मुझे गर्दन पर चूमने लगी।

अब दोस्तों उसका कोमल शरीर मुझे कामुक करने लगा। धीरे धीरे मैं उसके सेक्सी शरीर को दबोचने लगा और उसकी कमर जकड़ कर उसके काले होठो को चूसने लगा। मुझे काफी मजा आ रहा था। वो भी पुरे मजे ले रही थी।

अंदर झोपडी में एक खाट थी जिसपर हम दोनों बैठे सेक्सी हरकते कर रहे थे। कुछ देर बाद प्रेस वाली ने कहा “यही करते रहोगे क्या ?”

मैंने जल्दी से सके स्वेटर में हाथ डाला और गर्म दूध अपने ठन्डे हाथो से दबाने लगा।

चाची और पापा की कुश्ती ! भाग-1

उसकी बड़ी मोटी चूचिया धीरे धीरे खड़ी हो रही थी। वो मेरी गोद में अपनी बड़ी सी गांड रख कर बैठी थी।

ऐसी माल दार लड़की अपने सामने बैठी देख मैं तो पागल ही हुआ जा रहा था। मैं कभी उसकी कमर पकड़त तो कभी दूध चूसता हुआ उसके गले को चूमता।

सब कुछ काफी अच्छा चल रहा था।

उसके बाद मेरा लिंग खड़ा सा होने लगा तो प्रेस वाली हैरान हो गई। वो बोली “मेरे नीचे मुझे कुछ लग रहा है !!”

अब दोस्तों खड़ा लंग गांड चुभ रहा था जिसे देख उसे भी मजा आने लगा।

वो मेरे ऊपर से हटी और मेरी जीन्स के ऊपर से ही लिंग को हल्के हाथ से दबाने लगी।

अब मुझे समज न आए की मैं क्या करू। उसने मेरे पुरे लिंग को अलग अलग तरह से सहलाया और वो उठ खड़ा हुआ।

टाइट जीन्स के अंदर मुझे दर्द होने लगा को की वहा जगह नहीं थी।

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प्रेस वाली ने अपने हाथ से मेरी जीन्स का बटन खोला और जप खोल कर मेरे लिंग को हवा दी।

मेरा लिंग उठ खड़ा हुआ और अपने लाल मुँह से पानी टपकाने लगा।

बड़ा लाल लोढ़ा देख प्रेस वाली को ख़ुशी हुई तो वो धीरे धीरे उसे हिलाने लगी। उसके बाद मैंने भी कहा “बस हिलाती ही रहोगी क्या ?”

वो हलकदा सा हसी और उसकी सासे तेज होने लगी। वो धीरे धीरे नीचे हुई और अपने होठो से मेरे लंड की टोपी चूसने लगी।

उसके होठो को अपने टाइट लिंग पर महसूस कर मुझे तो काफी मजा आ रहा था।

तरह मेरी चुदाई शुरू हुई दोस्तों।

झोपडी में प्रेस वाली के साथ चुदाई भाग 3

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