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अनजान आदमी ने खुले पार्क में चोद डाला Part – 2 🥴👫

दिल्ली की वैशाली अपनी कहानी का दूसरा भाग लेकर वापस हाजिर हुई है। इस कहानी में उन्होंने बताया की कैसे अनजान आदमी ने उसे खुले पार्क की झाड़ियों में चोद डाला और उसकी बड़ी गांड को काफी देर तक चाटा। वैशाली की चुत में कभी लिंग नहीं घुसा था और पहले बार ही उसने 10 इंच का लंड अपनी चुत गांड में ले लिया और दर्द से कापते हुए अपनी बुर की अच्छी चुदाई करवा ली।


मेरा नाम वैशाली है और ये मेरी खाने का दूसरा भाग है अगर आपको पहला भाग पढ़ना है तो नीचे दिए गए लिंक पर जाए। दोस्तों यहाँ से मेरी अन्तर्वासना सेक्स कहानी काफी आनंद से भर जाती है। मेरा डर थोड़ा कम और लिंग की चाहत और बड़ जाती है। मेरी कहानी अनजान आदमी ने खुले पार्क में चोद डाला पढ़ने के लिए धन्यवाद।

अनजान आदमी ने खुले पार्क में चोद डाला Part – 1

उसने मेरे अंधे पकड़े और मुझे अपनी तरफ मुँह करवा कर मेरे होठो को चूमने लगा। काफी आनंद आ रहा था उसे पर मैं उसकी गन्दी सासे और होठो को चुम कर कुछ खास आनंद नहीं ले पानी। मुझे चूमते हुए सुने मेरे हाथ में अपना लिंग पकड़ाया और मैं उसका लिंग हिलाते हुए उसकी भारी गोटिया झुन झूने की तरह बजाने लगी।

उसके बाद वो पीछे हटा और उसने अपने दोनों हाथ मेरी कमीज पर रखे और झटके से फाड़ कर खोल दीमेरी कमीज खोल और मेरी नरम छाती की तरफ देखने लगा। उसकी आँखों से मुझे डर लगने लगा पर दूसरी तरफ मुझे उसपर प्यार आ रहा था। आज तक मुझे इतनी हवस से कोई नहीं चाहा। वो मुझे ऐसे देख रहा था जैसे मैं दुनिया की सबसे कामुक लड़की हूँ।

Anjaan se chudai ki kahani
(वैशाली कुछ इस तरह गहरी सासे ले रही थी।)

वो मेरी कमीज फाड् मेरी तरफ देखता रहा और मेरी सासे तेज होने लगी। मुझे समज नहीं आ रहा था की अब वो क्या करने वाला है।

(वैशाली को डर था की वो आदमी उसे उसी पार्क में न चोदने लग जाए। हाँ ये बात सच है की उसे उसका लिंग काफी अच्छा लगा था पर इसका मतलब ये तो नहीं की वो उसके साथ वही सेक्स करने लगे। )

वैशाली – तुम क्या करने वाले हो ??!!!

आदमी – हम्म्म !!! उसमे खुश !! लड़की !!

वैशाली – क्या ये सब यहाँ करना जरुरी है ?? हम कई और नहीं जा सकते ?

आदमी – कही और करने के लिए राजी हो तो यहाँ क्यों नहीं ?? जरा देखो खुदको तुम्हारी कच्छी कैसे मेरे लिंग की वजह से गीली हो गई है।

वैशाली (धीमी आवाज में) – लेकिन मैं यहाँ नहीं करना चाहती।

उस आदमी ने मुझे पास खींचा और मेरी गर्दन पर चूमते हुए मेरी कच्छी में हाथ दाल दिया और चुत रगड़ कर मुझे और गिला करने लगा। मेरा शरीर गर्म होने लगा और मैं ढीली होने लगी। कामुक होकर मैं अपना हाथ खो बैठी और अनजान आदमी से चुदाई करने के लिए तैयार हो गई।

मालिक की बेटी की चुदाई कहानी – 1

आदमी मेरा गला चूमते हुए मेरी छाती पर गया और उनमे अपना मुँह घुसा कर पूरा आनंद लेने लगा। उसका गंदा मुँह मेरी सेक्सी चूचियों पर रगड़ खा रहा था और मुझे काफी आनंद आ रहा था। मैं चाहती थी वो मुझे चूसे, चाटे और अपने लिंग को मेरी छाती के बीच घुसाए। वो ऊपर ऊपर से ही मेरे थान चूसने लगा और मुझे गिला करने लगा।

गलती से मेरा हाथ उसके लिंग पर पड़ा तो चुत मानो पागल हो गई। मैंने उस आदमी को धका दिया और नीचे लेटने को कहा। वो आदमी अपना लिंग पूरा बाहर निकाल कर लेट गया और मैं बेचैनी से उसके लिंग को पकड़ कर हिलाने लगी। दिमाग में बस यही था की पहले टोपा चुसू या गोटिया। मैं अलग अलग तरह से उसका गर्म लिंग हिला रही थी और लटकती गोटिया प्यार से दबा रही थी।

(वैशाली ने बड़ी प्यार उसे उसके लिंग को सहलाया पर अब बरी थी जबरदस्त चुसाई की।)

मैंने अपना मुँह आगे बढ़ाया और उसके लिंग के टोपे को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी। उसका लाल टोपा अपने मुँह से हल्का हल्का लसीला पानी निकाल रहा था। मैं जोर जोर से चूसी और उसे और ज्यादा लाल करने लगी। मैंने उसकी गोटिया खींची, दबाई और काफी बार चूसी और वो आदमी काफी आनंद लेता हुआ दर्द सेहत रहा।

मैं अपने कोमल छोटे छोटे हाथो से उसी सेवा कर रही थी। मोटा लिंग देख मेरे अंदर की चुदाई की इच्छा और तेज होने लगी। मैं उस आदमी का माल लिंग से निकलता देखना चाहती थी और उसका स्वाद भी लेना चाहती थी।

मैंने अपनी कच्छी और जीन्स उतरी और उसके लिंग पर चढ़कर बैठने लगी। पहले तो मैंने उसका मोटा गुम्बज अपनी योनी के ऊपर रगड़ना और जब चुत लसीली होकर तैयार हो गई और मैंने धीरे से उसे अंदर ले लिया।

खाट पर भाई बहन की सेक्सी चुदाई भाग 1

बड़े और गर्म लिंग का एहसास और चुत आदर से खींचने का दर्द मुझे और गिला कर रहा था। मुझे पता था की इस चुदाई के बाद में चुत कभी पहले जैसी नहीं होगी पर फिर भी मैंने ऐसा गन्दा कदम उठा।

लंड पर बेथ कर मैं अपनी छाती उसके चेहरे के ठीक ऊपर लटका कर बेथ गई। उसके अपने हाथ मेरी कमर और चौड़ी गांड पर टिकाए और अपनी गांड ऊपर नीचे हिला कर मेरी चुत चोदने लगा।

वैशाली – अहह अहह अहह !! काफी काफी बड़ा !! और अंदर मत करना !! अहह अहह !!!

आदमी – अह्ह्ह हम्म्म्म अहह !!

वेहसली – अह्ह्ह अहह ममम अहह !!

चुत लंड – भट भट भट भट भट भट भट भट !!!

वो आदमी जोर जोर से अपनी कमर हिलता हुआ अपना मोटा भरी गर्म लोढ़ा मेरी चुत की गहराइयो में धकेलता रहा। मैं चुत की तरफ से पानी पानी होने लगी। उस तरह चोदते उसके वो मेरी चूतड़ों को जोर से नोचता तो कभी झापड़ भी मार देता। इस तरह की चुदाई मैंने बस क्सक्सक्स वीडियो में ही देखी थी।

मेरे दोनों चूतड़ लाल हो गए थे उसके बाद उसने मेरी ब्रा खोली और मुँह ऊपर कर मेरी छाती चूसने लगा। मेरे दोनों निप्पल टाइट होकर मुझे आनंद देने लगे। दोपहर पार्क में चुदाई कर हम पसीने से गीले थे। काफी गर्मी थी पर चुदाई नहीं रुकी। वो तेज धुप से दोपहर में मुझे लगातार चोदे जा रहा था।

उसकी बहरी गोटिया मेरी गांड के छेद पर पिटाई लगा रहे थे। ऐसा लग रहा था की गोटियों में भरा पानी जल्द ही मेरे अंदर भर जाएगा।

(वैशाली काफी दर्द सहते हुए मोटा 10 इंच का लिंग अपनी टाइट चुत में ले रही थी। धीरे धीरे उसकी चुत खुल गई और उसमे से पानी निकलने लगा। शरीर के गर्म हो जाने पर वेहसली को आनंद ज्यादा और दर्द कम होने लगा।)

वो जोर जोर से मेरी चूचियों पर चूसे लगाने लगा और मेरे शरीर का सारा पसीना उसके ऊपर गिरने लगा। मेरी छाती भी पसीने से भरी थी पर वो पुरे मजे से मुझे चोदता हुआ मेरी छाती चाट रहा था।

वो हाफ रहा था रुकना चाहता था पर मेरी टाइट चुत की रगड़ से मिलने वाले आनंद से उसके काफी मजा आ रहा था।

मुझे इस कदर चोदने के बाद वो आदमी रुका और मुझे घोड़ी बने को कहा। मैं चुदने के लिए घोड़ी बनी पर वो अचानक से मेरी गांड में मुँह गुसा कर मुझे चाटने लगा। वो मेरी रस टपकती चुत और गड़ना गांड का छेद चाटने लगा और पूरा स्वाद लेने लगा।

लॉकडाउन में चुदाई की कहानी भाग 2

मुझे काफी मजा आने लगा उसकी जुबान कभी मेरी चुत पर होती तो कभी चूतड़ों के बीच। वो पुरे आनंद से मेरे शरीर से निकलने वाले कर तरल को चाटने लगा। मैं नंगी होकर घास पर घोड़ी बनी हुई थी और भी भी मेरे पीछे घोडा बन कर मेरे चूतड़ों का स्वाद ले रहा था।

वैशाली – तुम कितने गंदे हो ये करना जरूरी था !!

आदमी – अहम्म्म्म अम्म्म अम्म्म हम्म्म्म !!

वेहसली – तुम सुन रहे हो की नहीं !!! कैसे गंदे इंसान को किसी लड़की को यहाँ चाटने से तुम्हे क्या आनंद मिल रहा है।

आदमी – अहंम तुम्हे मजा नहीं आ रहा !! अगर नहीं आ रहा तो चुत से इतना माल क्यों छोड़ रही हो।


(उसके बाद मैं चुपचाप अपनी गांड चटवाती रही काफी आनद आ रहा था दोस्तों। उम्मीद है आपको मेरी यहाँ तक की सेक्स कहानी से आपका भी पानी निकल गया होगा। अगर नहीं निकला तो मेरे तीसरे भाग का इंतजार करे। मैं जल्द की अपनी चुदाई की आखरी कहानी लेकर हाजिर होगी।)

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12 Comments

      1. Davraj Kabhi kisi ladki se tamizz se baat ki hoti toh aj yaha akr ye gandi kahaniya nahee padni padti tumhee.

        1. Toh manvi ji ap yaha akr yesi gandi chudai kahani kyu paad rahi ho? chalo ab mene apse tamizz se baat kr li ab toh meri gotiya chusss skti ho na?

          1. Tumhare pass koi self respect nahee hai kya? mere sapne dekhna chod do main chote lnnd wale ladko se baat nahee krti.

            1. tune dekha hai kya sali randi. mera lnd kacche ke andr dekh krr hee tera bhosda gila hoo jayega. ek baar bnd kmre mee aja fir dekh kese ucchaall uchal kr tere chedo ko bada kruga. Bhen ki lodi

              1. sachai buru lg gai na ab jakr apni gaand mra. aur suraj tumhara toh lnnd hai hee nahee toh tum baat hee mt kro.

  1. Veshali kis trha se sase le rahi hogi ye soch kr hee mera to nikl gaya. kash asli duniya me bhi main kisi anjan ladki ko chus or chod pata.

  2. उस आदमी का लिंग और गोटिया किस्तनी सेक्सी होगी। भरी और लटकता लिंग बस एक बार मेरे मुँह में आ जाए।

  3. लटकता हुआ भरी लिंग जिसके मुँह से लसीला पानी टपक रहा हो। सुने और बोलने में ही मैं गीली हो जाती हूँ।

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