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सेक्सी भाभी को चोदा और घर से भगाया !!

अपने बड़े भाई की पत्नी को मैंने घर के अंदर ही अंदर खूब चोदा और उसे घर से भगा कर अपने साथ ले गया। साथियों मेरा नाम है राहुल और मैंने अपनी सेक्सी  भाभी याशिका को खूब चोदा और उसे रंडी बना डाला। जैसा की आपने मेरी इंडियन सेक्स कहानी का नाम जैसा अपने पढ़ा ” सेक्सी भाभी को चोदा और घर से भगाया ” है इसलिए भाभियो के आशिको लंड पकड़ कर बैठो। 

मेरा लिंग 5 इंच लम्बा है और मेरे शरीर पर मर्दाना बाल है। ये मेरी पहली भाभी की चुदाई कहानी है जो मैं आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ।  

मेरे बड़े भाई की शादी को 1 साल ही हुआ था और मैं अपनी भाभी को देख बस लंड हिलाया करता था। उनका शरीर थुलथुला और सेक्सी था। मेरा मतलब बड़े और सेक्सी स्थन साथ ही साथ उनकी फूली गांड और हॉट जाँघे थी। ऊपर से जब वो लिपस्टिक लगाती तो मेरा उनका मुँह चोदने का मन करता। 

मैं वो सारी गन्दी हरकते उनके साथ करना चाहता था जिनके बारे में सोच सोच कर मुट्ठी मारा करता था। 

मेरी भाभी का नाम याशिका था वो सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाया करती थी। कभी कभी तो मुझे ऐसा भी लगता है की बच्चे भी उन्हें पीछे से देख मुट्ठी मारा करते होंगे। 

पर खेर 1 साल बाद भी भाभी और भाई का कोई बच्चा नहीं हुआ। माँ बाप उन्हें बोलते रहे की उन्हें जल्द से जल्द अपने पोते या पोती की शकल दिखा दो पर उनसे कुछ नहीं हो पाया।

अब सुबह सुबह तो हर लड़के का लंड खड़ा हो जाया है एक रात मेरे कमरे का दरवाजा खुला रह गया और मेरा लंड सुबह खड़ा हो गया। उस वक्त मैं सो रहा था और दरवाजा हूला था। 

आते जाते भाभी ने मुझे खड़े लंड के साथ सोते देख लिया।

मुझे करीब से देखने के बहाने वो झाड़ू लेकर मेरे कमरे में चली आई। सोते सोते जब मेर आँख खुली तो  भाभी सामने कड़ी मेरे लंड को देख रही थी। 

मुझे देखते ही भाभी झाड़ू लगाने लगी और कमरे से बाहर चली गई। 

अगली सुबह मैं जागते ही मुट्ठी मारने लगा और भाभी झाड़ू लेकर मेरे कमरे से सामने जे गुजर रही थी। 

जाते जाते वो रुकी और उन्हें दरवाजे के कोने से मेरा लंड दिख गया जिसे मैं अपने दोनों हाथो से पकड़ कर ऊपर नीचे कर रहा था। 

भाभी अपने होठ दबती हुई दरवाजे के पास आकर मुझे और मेरे लिंग को देखने लगी। मैं सब कुछ जानते हुए भी नजरअंदाज कर के मुठ मारता रहा। 

उसके बाद मैं अचानक भाभी को आवाज दिया और भाभी चौक गई। 

मैंने उन्हें अंदर बुलाया और वो शर्माते हुए अंदर आकर खड़ी हो गई। 

मैं अपने बिस्तर से खड़ा हुआ और उनके सामने अपना खड़ा लंड लटका कर उनकी छाती पर नजर डालने लगा।      

भाभी को पता था की मैंने उन्हें रंगे हाथो पकड़ा था इसलिए शर्म से नजरे नीची कर के खड़ी रही। मैं उनके करीब गया और उनके सामने खड़ा होकर अपने लंड को हिलाने लगा। 

भाभी – आप ये क्या कर रही है !! 

मैंने कहा – वही जो आप देखना पसंद करती है !!

भाभी – चुप हो जाओ ऐसा कुछ नहीं है। और ये सब बंद करो वर्ण मैं तुम्हारी भइया को बता दूगी। 

मैंने कहा – हाँ हाँ बता देना और ये भी बताना की आप मुझे कैसे देख रही थी। 

एक तरफ तो भाभी फस चुकी थी और दूसरी तरफ वो कामुक भी हो रही थी। इसलिए मेरा लंड पकड़े के अलावा उनके पास और कोई चारा नहीं था। 

उन्होंने अपना एक हाथ धीरे धीरे आगे बढ़ाया और मेरा लंड हाथ में थाम कर धीरे से कहा ” किसी को मत बताना !! “

ऐसा कहने के बाद वो मेरा लंड धीरे धीरे हिलाने लगी और मैंने उन्ही ” हम्म्म ” केह कर जवाब दिया।  

उस वक्त सुबह से 6 बज रहे थे और घर में सब सो रहे थे तो मैंने जल्दी से अपने सेक्सी भाभी की जबरदस्त चुदाई करने के बारे में सोचा। चाहता तो मैं उस वक्त रुक कर बाद मैं अपनी देसी भाभी के साथ अश्लील रात बिता सकता था पर किसे पता भाभी का मन कब पलट जाए।  

इसलिए मैं भाभी की सेक्सी कमर पर दोनों हाथ रखा और उन्हें करीब खींच कर उनकी गर्दन पर चूमने लगा। भाभी ने अपनी आँखे बंद की और मेरे गर्म और गीले होठों का आनंद लेने लगी और मेरे गर्म लंड को हिला कर अपनी चुत गीली करने लगी। 

भाभी को चूमने के बाद मैंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया और भाभी को अपने बिस्तर पर लेटा कर उन्हें सही ढंग से चूमने लगा। 

मैं अपने हाथो से कभी भाभी की गांड जकड़ता तो कभी उनके ब्लाउज से आधे बाहर निकलते स्तनों को चूमता। 

धीरे धीरे भाभी गर्म होने लगी और वो अपने नाख़ून मेरी कमरे पर मारते हुए मेरी पीठ सहलाने लगी। 

सेक्सी भाभी मेरे शरीर के नीचे थी और मैं उनके ऊपर। मैं खुसी से इतना पागल हो रहा थी की मैं भाभी को हर जगह से चूस रहा था। 

धीरे धीरे मैंने उनका ब्लाउज खोला और ब्रा से दोनों सेक्सी थान निकाल कर उनके काले काले बड़े बड़े निप्पल्स को चूसने चाटने लगा। 

भाभी का रंग तो गोरा था पर निप्पल काले थे जो काफी सेक्सी थे। 

मेरे होठों की चुदाई से धीरे धीरे उनके दोनों निप्पल्स टाइट हो कर खड़े हो गए। 

दोस्तों खड़े निप्पल्स इस बात का इशारा होते है की लड़की की चुत अब चुदाई के लिए पूरी तैयार है। 

मैंने अपना हाथ सीधा उनकी साड़ी के अंदर घुसाया। साड़ी के अंदर का पेटीकोट और कच्छी पार करते हुए मैं उनकी गर्म चुत तक जा पहुंचा। 

भाभी की छूट अंदर से ही नहीं बल्कि बाहर से भी लसलसी और गर्म हो रही थी। मेरा पूरा हाथ उनकी कच्छी के अंदर था और मैं अपनी उंगलिया उनकी दोनों जांघो के बीच चला रहा था। 

चुत गीली और गर्म होने के साथ साथ टेढ़ी मेड़ी झाटो से भी भरी थी पर मुझे उस से कोई फर्क नहीं पड़ा। 

याशिका भाभी बेशर्मो की तरह मुझे अपने रसीले शरीर को चूसने दे रही थी। 

कुछ देर बाद भाभी बोली ” तुम्हारे भइया ठन्डे है ठन्डे !! “

तो इस तरह मुझे जवाब भी मिल गया की आखिर बच्चा क्यों नहीं हो रहा। 

थोड़ी देर बाद मैंने घड़ी देखी तो पता लगा 6 से 7 बज गए। और 7:30 बजे घर में सभी लोग उठ जाते है इसलिए मैं जल्दी जल्दी भाभी को टांगे खोल कर लेटाया और उनकी साडी और पेटीकोट उठा कर कच्छी उतारने लगा। 

कच्छी उतरते ही मैंने देखा की वो आधी गीली हो चुकी थी तो मुझे पता लग गया की अब मैं सीधा चुदाई कर सकता हूँ। 

मैंने अपना जल्दी जल्दी हिला कर टाइट किया और भाभी की गीली चुत पर लंड का टोपा अपने अंगूठे से दबा कर अंदर धसा दिया।  

लंड अंदर घुसा कर मैं बिना आवाज किए भाभी की चुत चोदने लगा और भाभी अपने मुँह पर हाथ रख कर मेरा लंड लेती रही। 

भाभी कभी नीचे मेरे लंड को अंदर बाहर होता देखती तो कभी मेरे पसीने पसीने होते सेक्सी चेहते को देखित। हम दोनों की सासे तेज कर शरीर कपकपाने लगा। 

चुदाई करते करते हम दोनों हाफने लगे। भाभी ने अपना सर उठाया और अपने होठ आगे बढ़ा कर मेरे होठो को चूमने की कोशिस करने लगी। 

तभी मैंने उन्हें होठो पर थूका और उनके हाथो को चूमने लगा। 

धीरे धीरे मैंने चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दी और भाभी के मुँह से न चाहते हुए भी आवाज निकलने लगी। मैं जल्दी जल्दी चोद कर भाभी की अपना बनाना चाहता था। 

जब मैं अंत तक पहुंचा तो भाभी को अपनी छाती में दबोच कर उनके ऊपर बड़ी बड़ी छलांगे मार कर उनकी चुत का भरता बनाने लगा। 

कमरे में करीब 5 मिनट तक जोर दर चुदाई चली और कमरे के बाहर तक गांड के थपेड़ो की आवाज आने लगी उसके बाद मैं जितना भाभी की चुत के अंदर जा सकता था गया और अंदर जाते ही अपने गोटो से बनी लसी अपने लंड से उनकी चुत में छोड़ दिया। 

चुत के अंदर रायता फैला कर मैं भाभी को दबा कर चूमने लगा और उनके शरीर पर चुदाई की अपनी छाप छोड़ने लगा। 

उनके स्तनों मर मेरी चुसाई की लाल निशान बनाने के बाद मैंने उन्हें जाने दिया। 

इस था हमारे बीच गहरे प्यार की शुरुआत हो गई और 6 महीनो बाद मैं उन्हें लेकर घर से भाग निकला। 

तो दोस्तों ये थी मेरी Desi Sex Story 

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