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बड़े घर की बहू और भीमा चाचा की चुदाई

मेरा नाम रमन है और मैं लखनऊ का हूँ आज मैं आपको अपनी Hindi Sex Story सुनाने जा रहा हूँ। ये कहानी मेरी आँखों देखी है और मैंने जो देखा वो ही सिर्फ इस कहानी में लिखका। मेरी ये कहानी बड़े घर की बहू और भीमा की चुदाई के बारे में है। भीमा चाचा एक 61 साल के बुजुर्ग आदमी है जिन्होंने मेरी आँखों के सामने बड़े घर की सेक्सी बहू को चोद डाला। 

अगर अपने bade ghar ki bahu bhima chudai कहानी पहले कभी नहीं पढ़ी तो आज आपको इस कहानी के कुछ शब्द जरूर पढ़ने चाहिए। मैं 20 साल का रमन स्कूल छोड़ कर किसी पैसे वाले खानदान के घर चाकरी करने लगा। वहा भीमा चाचा पहले से ही काम करते थे और उन्होंने ही मुझे घर का सरम काम बताया और सिखाया। मैं वहा झाड़ू पोछा और कहना सब कुछ करता था और भीमा चाचा कैसे क्या करना है सब बताया करते थे। 

देखते ही देखते एक साल निकल गया और घर के सबसे लड़के की शादी रचा दी गई। जब घर की बहू कामया घर आई तो सभी लोग कुश थे। मैं कामया को देख मन ही मन उसे चाहने लगा। कामया जी बफी खूबसूरत और संस्कारी थी। साथ ही उनकी हॉट कमर और भरे भरे चूतड़ देख कर मेरा दो दिमाग ही खराब हो जाता। 

भाभी जी को उनका पति कितना और कैसे चोदेगा मैं यही सोच सोच कर जलन से राख हो जाता और हर रत भाभी सेक्स स्टोरी और family sex stories जैसी कामुक कहानियाँ पढ़ता। आते ही घर की बहू कामया जी ने सब कुछ संभाल लिया। बड़े बुजुर्गो की दवा से लेकर घर का राशन पानी सब कुछ भाभी जी देखने लगी। उनकी बोली काफी मीठी थी और हर छोड़ते बड़े से इज़्ज़त से बात करती। यहाँ तक की उन्होंने भीमा चाचा की सेहत के लिए दवा और खाना कैसे और कोनसी कहानी है सब बताना शुरू कर दिया और देखते ही देखते चाचा की बवासीर से लेकर ब्लड प्रेशर जैसे समस्या सब ठीक होने लगा। 

घर पर सब ठीक चल रहा था पर मैं मौका देखा भाभी जी के शरीर को देख अपने लंड को हिलाने का एक मौका नहीं छोड़ता। इसी तरह देखते देखते 6 से 7 महीने निकल गए और मालिक ने मुझे एक महीने की छूटी दे दी ताकि मैं अपने गाँव जाकर अपने माँ बाप की थोड़ी सेवा करू। 

जब मैं वापस आया तो मुझे भीमा चाचा की हरकते कुछ सही नहीं लगती थी। वो हमेशा भाभी के सास पास रहते थे और मुझे किसी न किसी काम पर लगा देते थे। धीरे धीरे मुझे सब समज आने लगा की अब इतनी सेहत बनाने के बाद चाचा का लंड खड़ा होने लगा है। 

घर काफी बड़ा था और उसमें आधे से ज्यादा कमरे तो खाली ही पड़े थे जिनका कोई काम नहीं था। पर पता नहीं क्यों जब मैं भाभी जी के साथ खाना बना रहा था तो चाचा ने मुझे हर एक कमरे की सफाई करने के लिए भेज दिया और खुद भाभी के साथ खाना बनाने लगे। 

मुझे करीब 5 कमरों की सफाई करनी थी इसलिए मैं चला गया और चाचा अकेले भाभी के साथ लगे रहे। मैंने रात 9 बजे तक करीब 3 कमरे साफ किए और थक कर सोने चला गया। मैंने सोचा बाकी के 2 कमरे अगली शाम साफ करदूंगा।

अगले दिन जब मैं कमरा साफ करने लगा तो उस वक्त शाम के 5 बज रहे थे। चौथा कमरा साफ करने के बाद जैसे ही मैं पाचवे के पास गया तो मुझे वहा से हॉट आवाजे आने लगी। 

भाभी – अहह अहह उठ उह्ह्ह !!

आदमी – याहहह हहहह उहहहह !!

अंदर भाभी को कौन इतना घुरा कर चोद रहा था पता नहीं पर मुझे लगा की जरूर उनका पति होगा। मैं धीरे से दरवाजे की चाबी वाले छेद से अंदर देखा तो मेरी आँखों और लंड से पानी टपकने लगा। अंदर भीमा चाचा बड़े घर की बहू की उठा पटक कर चुदाई कर रहे थे। bade ghar ki bahu bhima chudai देख मैं हैरान हो गया की आखिर ये हुआ तो हुआ क्या, कब और कैसे ?? 

घर की बहू चाचा के बूढ़े लंड से क्यों चुद रही है और ये सब क्यों हो रहा है ?? 

मुझे गुस्सा आया पर भाभी के जिस्म से मेरा दिमाग ठंडा और लंड गर्म होने लगा। भीमा की आँखों से पता लग रहा था की न तो उन्हें किसी का डर था और न तो शर्म। वो बहू की चुदाई अपनी बूढी कमर हिला हिला कर करे जा रहे थे। 

मैंने धीरे से दरवाजा खोला और वहा से अंदर देख बड़े घर की बहू और भीमा चाचा की चुदाई देखता रहा। भीमा ने अपने हाथ आगे बढ़ा और भाभी के ब्लाउज के ऊपर से ही हमके कोमल स्तनों को दबाते तो कभी हिलाते। 

लंड के झटको से बहू की आँखों से आंसू निकलने लगे। कामया चाचा का लंड लेते लेते अपनी चुत को ऊपर से रगड़ भी रही थी और चाचा बार बार उनकी चुत पर थूक भी रहे थे। 

चाचा ने कमाया भाभी की नरम छाती को अपना हैवानी हाथो से दबाना शुरू कर दिया और भाभी के कोमल जिस्म का आनंद उठाने लगे। चुदाई करते करते भाभी बार बार कमरे के दरवाजे और कमरे की खिड़की की तफ देख रही थी और ये सुनिश्चित कर रही थी की हमे सेक्स करते हुए तो कोई नहीं देख रहा। 

भीमा चाचा बूढ़े तो थे पर वो उस से भी ज्यादा ठरकी भी था। बस उनका लंड पानी छोड़ने वाला होता टी वो चुत से लंड निकाल कर भाभी की चुत चाटना शुरू कर देते और नीचे ही नीचे अपने गोटो को मुठी में पकड़ कर उन्हें नीचे खींचने लगते। 

लंड का पानी वापस गोटो में चला जाता तो चाचा वापस कमाया भाभी की चुत मारने लगजाते और भाभी यही सोचती की कितना दम है बूढ़े में। 

अब जो भी हो रहा था चाचा ठरकी और हवसी थी वो नहीं चाहते थे की उनके लिंग का पानी निकले और उन्हें चुदाई रोकनी पड़े। मैं बाहर खड़ा बड़े घर की बहू और भीमा चुदाई देख अपना लंड पकड़ लिया और उसे हिलाता रहा।  

देखते ही देखते बिस्तर पर भाभी का शरीर कांपने लगा मौका देख भीमा ने उन स्तनों को ब्लाउज के ऊपर से चूसना शरूर कर दिया। वो भाभी के जवान शरीर का पूरा लुफ्त उठा रहे थे। भाभी कामुक थी इसलिए उनकी दोनों चूचियां कड़ी थी और चाचा को साफ दिख रही थी। चाचा ने अपने हाथ उनके स्तनों पर रखे और दोनों चूचियां बरी बार से चूसने लगा। भाभी आनंद से पागल होती रही और शर्म से कुछ नहीं बोली। 

भीमा – बिटिया तू तो पूरी माल है !! तेरे जैसी लड़किया तो मेरे जमाने में अपने जिस्म को मोठे मोठे कपड़े में ढक कर रखती थी। 

कमाया – अहह अहह चाचा जी !! ब्लाउज के ऊपर से क्यों कर रहे हो उतर देती हूँ न !!

भीमा – नहीं नहीं बेटी मैं धीरे धीरे आनंद लेना पसंद करता हूँ। तेरे जिस्म के हर एक कोने को मैं आज चाटने और चूसने वाला हूँ !!

कमाया – चाचा जी कितने ठरकी हो आप !!! ये सब अपने तक ही रखना अपने ताश खेलने वाले दोस्तों को मत बता देना जाकर। 

भीमा – बेटी अगर बता दिया न तो वो बस तुझे चोदने यहाँ आ जायेगे। हाहा !!

बस इसी तरह कुछ देर आनंद लेने के बाद भीमा चाचा ने बहू के ब्लाउज को अपने मुँह के थूक से गिला कर डाला और उसके बाद धीरे धीरे ब्लाउज को खोलने लगे। 

उस दौरान उन्होंने अपने लिंग को योनी से बाहर निकाल रखा था और अपनी कमर हिला हिला कर लिंग को चुत के ऊपर रगड़ रहे थे। 

कमाया भाभी की चुत से रस की लम्बी लार लटक रही थी जो जाकर जमीन पर गीर रही थी। उसे देख मेरा मन कर रहा था की चुपके से जाकर बिस्तर के नीचे लेट जाऊ और भाभी की चुत से टपकती लार अपने मुँह में लेलु। पर ऐसा करना नामुमकिन था।

तभी चाचा ने कमाया का पूरा ब्लाउज उतार फेका और उनकी ब्रा के ऊपर से ही उनके दूध दबाने लगे। सफ़ेद ब्रा में छुपे बेटे और गोल स्तन मेरे लिंग की सबसे बड़ी कमजोरी थे।

चाचा ब्रा की ऊपरी चोंच को अपने मुँह में दबा कर स्तनों को चूसने लगे इतने में कमाया बोली ” चाचा जी ये ब्रा मैंने 5 दिन से पहन राखी है ऐसा मत करो गन्दी हो राखी है !! “

पर चाचा मस्त मोला होकर भाभी की गन्दी ब्रा को चाटते हुए बोले ” इस कपड़े से तेरे जिस्म और दूध की जो सुगंद है न वो मुझे और जवान बना रही है बच्ची !! “

ये सुनकर कमाया भाभी हस पड़ी और चाचा के सर पर दोनों हाथ रख उन्हें पाने स्तनों के बीच दबाने लगी। उसके बाद चाचा ने उनकी ब्रा खोली और कमाया अपने दोनों दूध हाथ से पकड़ कर अपनी कड़ी चूचियां भीमा चाचा के हाथो के आगे कर दी। 

कड़ी चूचियां देख भीमा चाचा का लंड जरूरत से ज्यादा खड़ा हो गया और उन्होंने अपने लंड वो वापस चुत के अंदर घुसा दिया। उनका लंड सह चूका था जिसे उन्होंने भाभी की गीली चुत के अंदर दे मारा। 

अब लंड चुत में रगड़ रगड़ कर चाचा ने बहू की मखमली छाती को हर जगह से चूसना शुरू कर दिया और भाभी की चीखे निकलने लगी। 

इस तरह एक नौकर बड़े घर की बहू की चुत मारने लगा और मैं बाहर खड़ा अपना छोटा लंड हिलाता हुआ अंदर देखता रहा। 

bade ghar ki bahu bhima chudai होते हुए देख मैं सोचने लगा की अगर भाभी चाचा का लंड ले सकती है तो मेरा क्यों नहीं। पर अभी ये सब सोचने का वक्त नहीं था अभी तो बस मुझे देखना था। 

चाचा से स्तनों को खूब चूसा और उन्हें लाल कर दिया। कभी कभी तो उनके दातो के निशान भी पड़ गए थे पर भाभी को किसी बात का डर नहीं था। 

कुछ देर एक टांग उठा कर चोदने के बाद।

भीमा – चल अब घोड़ी बन !! 

कमाया – मतलब डॉगी स्टाइल करोगे न !!

भीमा – हाँ हाँ अब कुत्तिया बनो बिटिया !!

उसके बाद भाभी के साथ ठरकी चाचा बिस्तर पर चढ़े और पैसा से भाभी के बड़े चूतड़ों में थूक कर अपना लंड घुसाने लगे। 

लंड घुसा कर उन्होंने कमाया को तेज धके मारना शुरू किया और उनके पुरे जिस्म को हिला डाला। भाभी के स्तन आगे पीछे हिलने लगे जिसपे भीमा चाचा एक दो बार चाटे भी मार देते। 

कमरे में पंखा न होने की वजह से भाभी और चाचा पसीने में भीगे हुए थे पर फिर भी मस्त सेक्स का आनंद ले रहे थे। 

एक बार फिर जब भीमा चाचा का लंड पानी छोड़ने वाला था तो उन्होंने अपना लंड बाहर निकाल कर भाभी की गांड कुत्ते की तरह चाटनी शुरू कर डाली। 

कुछ देर बाद कमाया मुड़ी और चाचा का लंड अपने मुँह में लेकर जोर जोर से चूसने लगी। कमाया ने उन्हें गोटो को अपने हाथ में दबाया और उन्हें हल्के हाथ से मसलते हुए उनके लसलसे लार टपकते लिंग को चाटने चूसने लगी। 

उसने पहले तो अपने मुँह में थूक जमा किया और चाचा के लंड पर थूक कर उसे हिलाना शुरू कर दिया। लंड हिलाते हुए वो चाचा की आँखों में देखने लगी और चाचा ने मौका देख कमाया के होठो से अपने होठ चिपका दिए। 

चाचा मजे से कमाया के होठो को चूसते हुए उन्हें चूमते रहे और भाभी खड़ा और थूक से सना हुआ लंड हिलाती रही। 

जैसे ही चाचा का झड़ने वाला था चाचा ने कमाया का हाथ अपने लंड से हटा दिया और उसे टंगे खोल कर लेटने को कहा। 

पर कमाया ने मना कर दिया और अगले ही पल वो भीमा का लंड अपने मुँह में लेने लगी। उसने जोर जोर से उसपर चूसे मारे और टोपे को अपने होठो से जबरदस्त तरीके से चूसा। 

चाचा की हालत खराब होने लगी और उनकी एक टांग कपनी शुरू हो गई जिसे देख कमाया ने और जोरदार चुसाई शुरू कर डाली। 

और बस चाचा के लंड से सफ़ेद पानी निकलने लगा जिसे कमाया से अपने मुँह में भल लिया। पानी इतना सारा था की कमाया के मुँह से बाहर बहने लगा और चाचा अपनी कमर हिला हिला कर मुँह को चोदते हुए अपना लंड का पानी निकालने लगे। 

कमाया भाभी उनका माल अपने गले से नीचे नहीं लेना चाहती थी इसलिए उसे साला माल वापस लंड पर थूकना शरूर कर दिया। 

जब चाचा ने कमाया की मुँह की चुदाई रोकी तो कमाया से अपने में भरा साला माल पानी चाचा के लंड पर थूक दिया और उसे हाथे हाथ से मसलती रही। 

चाचा का लंड गंदे माल से सना हुआ था जो बहता हुआ उनकी जांघो से नीचे आ रहा था। ऐसी चुदाई देख मैंने अपनी हाथ की रफ्तार तेज की और अपना माल कमरे के दरवाजे पर ही झाड़ दिया। 

उसके बाद चाचा वही पड़े पड़े सोने लगे और कमाया ने उन्हें जल्दी से उनका पजामा उनकी टांगो में डाला और खुद चुपके से साड़ी पहन कर नहाने चली गई। 

भाभी के बाहर आने से पहले ही मैं वहा से भाग गया और रसोई में खाना बनाने का नाटक करने लगा। 

तो दोस्तों ये थी मेरी बड़े घर की बहू भीमा चुदाई। इस तरह मैं बड़े घर की बहू और भीमा की चुदाई देख अपने लंड से पानी निकाला और चाचा को मन ही मन गाली देने का सिलसिला शुरू हुआ।

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