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माँ को चोदा रंडी बना कर

पटना गांव के रखन ने अपनी हिंदी सेक्स कहानी भेज कर अपनी गन्दी अश्लील हरकत दुनिया को बताई। उन्होंने अपनी कहानी में अपनी माँ को जबरदस्ती चोदा और उन्हें अपने लिंग का गुलाम मना दिया। अपने पिता से छुप कर उन्होंने ऐसा गन्दा काम किया और अब दोनों माँ बेटा सेक्स कर ख़ुशी ख़ुशी गांव में रहते है। 25 साल के रखन का कहना है की उन्हें अब शादी करने की जरुरत ही महसूस नहीं होती।


माँ को जबरदस्त चोदा

हमरा नाम रखन उम्र 25 लिंग मोटा और टोपा लाल है। हमारी हर सुबह लिंग हिला कर से होती है और खटक भी माल निकाल कर ही होती है।

हमारी माता अनपढ़ और ग्वार है। और हमारा कोई घर भी न है। हम एक छोटी की किराए की कुटिया में रहता है। हमारा बाबा वो साला शराबी घर छोड़ कर किसी और रंडी के साथ बया रचा लिया। मैं अकेला ही अपनी माता के साथ रहता हूँ। माता दिखने में गोरी नहीं है ना ही कुछ अच्छा चेहरा है पर उनका बदन काफी मजेदार है। इसी लिए तो मैंने maa ko jabardasti choda और उन्हें भी सालो बाद लिंग का सुख दिया।

असल में हुआ क्या हमारा कोई लड़की से बात नहीं हुआ। न कोई गर्लफ्रेंड बना न कोई रंडी चोदा क्यों की पैसा तो था ही नहीं। हम बाहर मजदूरी कर के आता और उसी से घर चलता। अब इस सब के बेच गर्लफ्रेंड बना कैसे मुंकिन है। एक दिन का हुआ हमारी नजर अपनी ही माँ पर पड़ गई। माँ की साड़ी पुराणी हो राखी थी जिस वजह से उनका ब्लाउज भी टाइट था जिसका मतलबा उनके दोनों दूध बड़े हो गए थे। ये जानकर मेरा लिंग हरकत में आ गया।

(रखन ने कहानी भेजते हुए ये बताया की वैसे तो वो कभी कोई गलत काम नही किया पर अपनी माँ के बढ़ते दूध देखने के बाद उसके अंदर बुर चुदाई का भूत घुस गया। जिस वजह से सुने माँ की जबरदस्ती चुदाई कर डाली।)

माँ – क्या हुआ बेटे ऐसे क्यों देखे जा रहा है।

बेटा – माँ तुम्हारी छाती बड़ी हो गई है देखो जरा सारा ब्लाउज फटने को हो रा है।

ये सुनकर उन्होंने कुछ नहीं बोलै और अपनी छाती पर हाथ रख उन्हें दबा कर देखने लगी। उसके बाद उन्हें महसूस हुआ की हम ठीक बोल रहे थे।

उसके बाद मैंने माता के पीछे जाकर उन्हें पीछे से दबोच लिया और उनकी चूचिया ब्लाउज के ऊपर से ही दबा कर माँ के कान में बोला “लगता हाउ दूध ज्यादा भर गया है क्यों की हमने काफी साल से पिया नहीं न।”

ये सुनका माँ को थोड़ा आनंद आया क्यों की इस तरह उन्हें कासी सालो तक कोई नहीं छुआ था। वो ये याद करने लगी की कैसे जवानी में उन्होंने अलग अलग मर्दो से अपनी बुर चुदवाई थी और अपनी चूचियों की जबरदस्त चुसाई करवाई थी।

उन्होंने अपनी आंखे बंद की और घुसे में मेरा हाथ छुड़ाने की कोशिश की। पर मैंने जबरदस्ती उनकी चूचियों को दबाना मसलना शुरू कर दिया। उन्होंने मेरा हाथ पकड़ पीछे करने की कोशिश की और इसी कीच तान में उनका ब्लाउज फट गया।

हमने जल्दी से दोनों चूचिया बाहर निकाली और अपने हाथ उनकी पुरानी फटीचर ब्रा में अपने हाथ गुसा कर उनके कल्ले निप्पलों को नोचने लगा। दोनों निप्पल कड़क थे।

(वैसे तो रखन ने जबरदस्ती ही चूचिया दबाना शुरू किया था पर उसकी माँ को भी खूब आनंद मिलने लगा। ब्रा के अंदर हाथ जाते ही उसकी माता शांत हो गई और रखन की बहो में पड़े पड़े अपनी चूचियों की मालिश करवाने लगी।)

हमने थोड़ी देर बाद माता को गले पर चूमना शुरू कर दिया और अपने एक हाथ को उनके पेटी कोट में घुसा कर उनका भोसड़ा रगड़ने लगा। इस तरह मैं उनकी चूचिया ब्रा से बाहर निकाला और फिर मजे से दबाते हुए अपने लोडे को पजामे से बाहर निकाल उनके पीछे धीरे धीरे ढके लगाने लगा। अपनी भारी गांड पर मेरा रगड़ खता लिंग महसूस कर माँ की योनी गीली होने लगी।

उसके बाद मैंने माता को मलता और फिर उन्हें चूमते हुए जल्दी जल्दी उनकी साड़ी खोलने लगा। इस वक्त तक उन्होंने भी मेरे साथ अपने चूतड़ चुदवाने का मन बनवा लिया था। साड़ी खुलते ही माँ पास पड़े पानी के मटके को पकड़ झुकी और अपनी बड़ी से गांड मेरे सामने फैला कर मुझे लंड घुसाने के लिए बोलने लगी।

मैंने पीछे थूका और फिर लंड हिला हिला कर उनकी चुत में दे दिया। चुत के अंदर जाते ही मैं मानो अलग ही दुनिया में जा पंहुचा। गर्म और गीली योनी के छेद में मेरा लंड और बड़ा होने लगा। मैं धीरे धीरे कमर हिलाया तो माँ के मुँह से ऐसी आवाज निकलने लगी जो मैंने कभी सोची भी न थी। सेक्सी आवाजे सुनकर मेरा लंड ऐसे उन्हें चोदने के और कड़ा हो गया।

मैंने धीरे धीरे अपनी रफ्तार बड़ाई और ये सोचने लगा की सामने झुकी औरत मेरी माँ नहीं रंडी है। ऐसा सोचते ही मेरी कमर में मनो मोटर लग गई हो। भाड़ भाड़ फैट फैट उउउ अहह फच फच भच भच भच !! चुदाई करते हुए ऐसी आवाजे आने लगी जो सिर्फ पोर्न वीडियो में ही दिखती हो।

ऊपर से चुदाई करते हुए माँ की सेक्सी जंघे लंड के दर्द से कापने लगी चूचिया आगे पीछे उछलने लगी और लंड के झाटो के आगे पीछे झूलती रही। उस वक्त जब मैं maa ko jabardasti chod रहा था कमरे में काफी गर्मी थी। गर्मियों का समय था और हमारी कुटिया का पंखा कुछ खास ठंडक नहीं दे रहा था। चुदाई करते हुए हम दोनों माँ और बेटा पसीने से गीले हो गए।

कमरे में तेज तेज गांड पर पढ़ने वाले झापडो की और गीली चुत की फच फच फच फच और गोटियों की चुत पर पिटाई की भट भट भट भट आवाजे गींजने लगी। बाहर से कोई भी ये आवाज सुनता तो अपने लंड को हिलाने जरूर लग ज्याता।

कुछ देर घोड़ी बना कर अपनी रंडी माँ को चोदने के बाद हमें उसे खड़ा किया और उसकी एक जांघ उठा कर उसके एक टांग पर खड़ा कर चोदने लगा। इस तरह उनकी चुत के ज्यादा अंदर तक मैं जा पा रहा था।

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अब इस तरह चुदाई करते हुए माँ ने मुझे से नजर नहीं मिले वो शर्म से नीचे देखती रही पर मैंने अपने मुँह को आगे बढ़या और उनके होठो को चूमने लगा। होठो को चुम कर मैंने उनके नीपको को अपने मुँह में दबोचा और चूसते हुए मस्त चुदाई करता रहा। भरी लटकती चूचिया और के काले निप्पल नरम और गर्म थे।

इस तरह चुदाई कर मैं अपनी चरम सीमा तक जा पंहुचा और अपना माल उनकी चुत में छोड़ डाला। उनकी भी चुत से धीरे धीरे रस निकलता हुआ मेरे लंड के पानी से मिल गया और जंग से होता हुआ नीचे जमीं पर जा पंहुचा।


ये थी हमारी माँ की जबरदस्ती चुदाई की कहानी। माल छोड़ने के बाद कुटिया में चुदाई की भड़ास इकठी हो चुकी थी। कमरे में बदबू और घुटन हो रही थी। इस सब के बीच हम दोनों माँ बेटा पसीने में लत पात ठंडी जमीं पर पड़े पड़े एक दूसरे को चुम रहे थे। इस दिन के बाद माँ ने मुँह में अपना आशिक ढूंढ लिया और मेरे लंड को हर दिन चोदने लगी। हर अगले दिन चुदाई कर कर मेरा वजन कम हो गया और बाहर जाकर मजदूरी करने का दम खत्म होने लगा।

पर माँ को सब मजूर था उसने कहा की मैं एक रोटी कम खा लगी पर तू चुदाई रोज कर मेरे साथ।

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6 Comments

    1. connect my whatsapp number 7058939556. Agr jbrdasti chudai me tumhe mja ata hai toh mujh se milo tumhe jbrdasti chod chod kr puri raat chusuga

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