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रजाई में सोती हुई बहन को लंड चुभाया

पुणे के माधव अपनी बेरोजगार बड़ी बहन को घर पड़ा देख काफी गुसा किया करते। घर बैठे बैठे बहन का बढ़ता वजन देख कभी कभी माधव गन्दा भी सोच लेते। अपनी सेक्सी कहानी में 20 साल के माधव ने अपनी 27 साल की बड़ी बहन को सोते हुए लंड चुभा दिया। उनकी भाई बहन की अन्तर्वासना कहानी अंत तक जरूर पढ़े और कमेंट कर के जरूर बताए।


सोती हुई बहन को चोदा

मेरा नाम माधव मैं 20 साल का पुणे का रहने वाला हूँ और मेरी एक बड़ी बहन है जो 27 की है जिसकी मैं आपको Hindi Porn Story सुनाने जा रहा हूँ जसका नाम है रजाई में बहन को चोदा। मेरे पिता अब जीवित नहीं है और घर मैं ही चलता हूँ। मैं एक कॉल सेण्टर में काम करता हूँ और महीना 13 हजार कमाता हूँ। मेरी बहन बेरोजगार है और वो बस टिकटोक बनती है। अपनी बड़ी बहन को घर पड़े हुए खाते, सोते और नई नई बॉयफ्रेंड बनाते देख मुझे उसपर काफी गुस्सा आता है।

मेरी बहन की अन्तर्वासना कभी शांत ही नही होती इसलिए वो नई बॉयफ्रेंड बनती रहती है और मैं मुठ मारकर सुबह काम पर जाता हूँ और मुठ मारता हुआ वापस घर आ जाता हूँ। अब आप समज सकते है की मेरी जिंदगी किसी चल रही है। इसलिए मुझे अपनी बहन पर काफी गुसा आता है।

(क्युकी माधव खुद अकेले अपना पूरा घर खर्च उठा रहे उन्हें अपने बहन का बरताव बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा। उनकी बड़ी बहन चाहते तो नौकरी कर घर चलाने में मदद कर सकती थी पर उन्होंने ऐसा नहीं किया।)

एक दिन मैं थका हुआ घर आया और देखा मेरी बहन दोपहर को सो रही थी। माँ पास की ही पड़ोसन के घर गई हुई थी। उस दिन पहली बार मैंने हिमत कर अपनी बड़ी बहन की गांड पर अपना हाथ सहलाया। उसने पजामा पहन रखा था जिसपर उसकी कच्छी उभरी हुई दिख रही थी। उसकी बड़ी सी गांड रजाई से बाहर निकली हुई थी।

मैंने आगे पीछे देखा और धीरे से अपना हाथ बहन की गांड पर रख कर उसकी गर्माहट और कोमलता को महसूस करने लगा। ममम धीरे धीरे मैंने उसपर अपना हाथ सहलाया तो लंड खड़ा हो गया। हम्म मैंने धीरे से हिमत कर के बहन का पजामा नीचे उतरा तो उसके बड़े बड़े दोनों चूतड़ मेरे सामने आ गए। बहन की कच्छी काफी कसी हुई थी और दोनों तफ से गांड बाहर निकल रही थी।

(अब तक लेखक के मुँह पर खून लग चूका था और उसकी छोटी तलवार भी खड़ी हो चुकी थी। इसलिए सुने बहन की कच्छी में हाथ डालकर दोनों चूतड़ों के बीच की गर्माहट का आनंद लेने लगा। उसने धीरे से अपना लिंग बाहर निकला और उसे अपने उलटे हाथ से हिलाने लगा। कुछ देर इसी तरह वो अपनी बहन को छूते हुए अपने लिंग को हिला हिला कर उसके अंदर का पानी बाहर निकालने की पूरी कोशिश करने लगा।)

खा खा कर मेरी बहन के खूब चर्बी शरीर पर जमा ली थी। मुझे उसकी गांड छूने और उसके अंदर अपना मुँह देने का तो काफी दिल किया करता था पर एक भाई अपनी बहन के साथ ऐसे कैसे कर सकता था। आज मुझे मौका मिला तो मैंने उसके कच्छी में हाथ डालकर दोनों चूतड़ों और जांघो के बीच की गर्माहट का मजा लेते हुए अपना लिंग बाहर निकाला और उसे हिलाने लगा।

उसके बाद मेरा बन करने लगा की एक बार बहन की गांड के छेद में टोपा डाल ही दू। मैंने धीरे से बहन की टांग उठाई और उसकी कच्छी साइड की तो देखा बहन की चुत से पानी रिस्ता हुआ नीचे चादर पर जा रहा था। ये देख मुझे पता लगा की बहन बेरोजगार बहन अन्तर्वासना से भरा सपना देख रही है।

मैंने अपनी एक उनलगी ली और उसे बहन की काली चुत के बीचो बीच घुसा कर उसे खोदने लगा। ऐसा करते करते बहन की चुत और चीप चिपा पानी चोदने लगी। सोते हुए वो बेचैन होने लगी। मोके देख मैंने भी अपने टोपे पर थूका और अपनी उनलगी चुत से बाहर निकाल कर उसकी गांड के छेद में घुसा दी। चुत का रस मेरी उनलगी पर लगा था जो मैं उसकी गांड में लगा दिया।

अब मेरा लंड भी गीला और उसकी गांड का छेद भी। मैंने वापस उनलगी बाहर निकाल कर उसकी चुत रगड़नी शुरू की और अपना लंड पकड़ कर उसकी गांड में घुसा दिया।

मेरा टोपा तो क्या पूरा लिंग अंदर घुस गया और बहन को जा चुभा। सोती हुई बहन अचानक से आंखे खोल बैठी और मैं उसे देखा भी नहीं। मैं उसकी चुत अपने हाथ से चोदता हुआ अपनी कमर धीरे धीरे आगे पीछे कर उसे चोद रहा था।

इस तरह मैं अपनी सोती हुई बहन की चुदाई कर रहा था। लंड अंदर घुसते ही बहन की टाइट गांड ने उसे जकड़ लिया और मैं उसे आगे पीछे करने लगा। इतनी जबरदस्त पकड़ से मेरा लंड झड़ने वाला था। ऐसा लग रहा था की बहन की गांड मेरे लंड को चूस रही है।

बहन – अबे आए !!!

भाई – अहह अहह ममम

बहन हह अहह !! क्या क्या !! अबे !!

भाई – दीदी कुछ काम धंदा तो करती नहीं तुम किसी काम तो आ जाओ।

अब जैसे जैसे मैं कम हिला रहा था बहन की कामवासना को आग लग रही थी। उसकी मस्तराम कल्पना आज पूरी हो रही थी। मैं चुत को अपनी 2 उंगलियों से चोदता हुआ उसकी गांड चोद रहा था।

बहन की बड़े बड़े नरम चूतड़ों पर जोर जोर से अपनी कमर मार कर मुझे काफी मजा आने लगा। मेने चुदाई करते हुए बहन को चूमना चाहा तो उसने मुँह पलट लिया और कहा “ज्यादा आगे मत बढ़ जो कर रहा है उसी में खुश रह।”

अब मैं बहन के सुंदर चेहरे को चुम तो पाया नहीं पर मैंने सके दूध उसकी टीशर्ट के पुर से खींच कर बाहर निकाले और उन्हें जोर से चूसने लगा। बहने ने अपने हाथो से अपने दोनों निप्पल बचाने की कोशिश की पर मैं भी हरामी मैंने जोर से उसके हाथो को पीछे किया और अपने होठो को उसके एक निप्पल पर जमा कर चूसने लगा। उसके बाद दूसरे को अपने हाथ से अलग अलग तरह से मरोड़ने लगा।

उसी वक्त बहन मानो किसी और दुनिया में पहुंच गई हो। वो लम्बी लम्बी गहरी सासे और उसकी गलती छाती से मेरा जोश आसमान पर था। अपने छोटे पतले सहरीर से मैं जोर जोर से अपनी मोटी लम्बी बहन को चोदने में लगा रहा।

उसके बाद टाइट गांड से लंड निकल कर मैंने उसे भोसड़े में डाला तो मनो मैं अलग दुनिया में चला गया। उसकी चुत गीली, गर्म और काफी नरम थी। लंड घुसा कर ऐसा लगने लगा की मैं अगले 10 धको में ही अपना पानी छोड़ दुगा।

अब मैं भी नंगा था और मेरी बहन तो थी ही। बाहर से सर्द की ठंडी हवा से बचने के लिए मैंने अपने बहन की बड़ी जांघो को खोला और उसके बीच का हिंसा चाटने हुए अपने उम्र रजाई डाल दी। बहन की चटाई करने के बाद मैंने उसके अंदर वापस अपना लिंग घुसाया और बहन की जांघो के साथ कुश्ती लड़ता हुआ अपनी कमर जोर से नीचे में मारता रहा। बड़ी बहन को शर्म आ रही थी पर उसके मुँह से गन्दी आवाजे नहीं रुक रही थी।

मैं उसकी नरम चूचियों के अपना मुँह घुसा कर बहन की रजाई में चुदाई करता रहा। कुछ देर बाद उसने मेरा मुँह अपने दोनों हाथो से पकड़ा और अपने गुलाबी मोटे होठो से चूमना शुरू कर दिया। पहले उसने मेरे मांथे पर हुमा और फिर मैंने अपने होठो को आगे बड़ा कर उसे चूमने का इशारा कर दिया। उसे अपने होठो को बाहर निकाला और फिर मुझे चूमना शुरुर कर डाला।

इस तरह कभी मेरी जुबान उसने तो कभी उसकी जुबान मेरे मुँह के अंदर घुसने लगी। एक दूसरे के थूक का स्वाद हम लेते हुए गन्दी तरह चूमने लगे गहरी सासे एक दूसरे के मुँह पर चोदने लगे। बहन की सोते हुए चुदाई कर मुझे काफी मजा आ रहा था पर अब जब वो खुद मेरे साथ सेक्स कर रही है तो दुगना मजा आ रहा है।

अहह अहह अहह अहह उहहहह उहहहह अहह हम दोनों ऐसी ही आवाज कर रहे थे। मेरी जबरदस्त चुत पर चलेंगे लग रही थी जिस कारण ऊपर से रजाई हैट गई और ठंडी हवा बहन की जांघो पर और मेरे नंगे चूतड़ों पर लगने लगी। पर चुदाई कर बहन लाल हो गई और मैं भी पसीना पसीना हो गया।

बस अखरे झटके में मैं बहन के अंदर अपना लंड घुसाया और उसे चुत के गहराइयो में रोक कर बहन को चूमते हुए अपना लेस निकाल दिया। उसके बाद मैं थक कर उसके बगल में लेट हाय पर बहन को मजूर न था। उसने कहा की तूने तो अपना निकाल लिया पर मेरा कौन निकलेगा ?

उसने मुझे जबरदस्ती अपनी जांघो में दबोचा और मुझे से अपनी गन्दी चुत चटनवाने लगी। मैं उसकी चुत चाटकर अपने ही लंड का स्वाद लेता हुआ उसका रस निकालने की कोईशिष करता रहा।

साथ ही सुने भी अपनी चुत ऊपर से रगड़नी शुरू कर दी और आगे ही मल लसलसा सफ़ेद पानी निकल पड़ा। जो उसने मुझ से जबरदस्त चटवाया।


दोस्तों ये थी मेरी रजाई में सोती हुई बहन को लंड चुभाया कहानी। अगर आपको ऐसी ही रिश्तो में चुदाई की कहानियाँ  पढ़ने का दिल है तो नीचे कमेंट करे। मेरा नाम माधव है और मेरी देसी कहानी पढ़ने के लिए आपका शुक्रिया।

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10 Comments

  1. behn ki badi gand ho toh yesa ho hee jata hai. meri behn bhi jb ghr ki swfai krti hai to main bhi use dekh leta huu.

            1. Jyada bol rahi hai tu behn ki lvdi. 200 rupe ke rand hai tu tera bhosda fata huya hai aur use se kafi badbuu bhi ati hai. apne ap ko shishe mein dekh to roj roti hai.

              teri ma mere yaha akr apni chati kaa dudh bhejti hai tb jakr tu ghr pr khana kha pati hai.

    1. असली स्टोरी मेरे पास है मेल मे रिप्लाई करो फिर देखो कहानी

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