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भूखा भिखारी और जवान लड़की 🤐🥒🌊

दिल्ली की कल्पना एक 27 साल की लड़की है जिनको एक अनजान भिखारी ने चोद डाला जब वो नशे में थी। उन्होंने अपनी कहानी में बताया की उन्हें लगा की वो अपने बॉयफ्रेंड के साथ है पर जब अगले दिन उनकी आंखे खुली तो पता लगा उन्हें बगल में एक गन्दा भिखारी सो रहा था जिसका लंड सुजा हुआ था। कल्पना की पूरी अन्तर्वासना चुदाई कहानी पढ़े और नीचे कमेंट कर के जरूर बताए की आपको कहानी किसी लगी।


हवसी भिखारी और मेरा कोमल जिस्म

मेरा नाम कल्पना है और मैं 27 साल की हॉट जवान लड़की हूँ जो दिल्ली में रहती है। सीधी सी बात है रहने वाली तो मैं कही और की हूँ और मेरा नाम भी असली नहीं है। पर मान लो सोच है और मेरी कहानी भी। पहली बार जिंदगी में मेरे साथ ऐसा हुआ था। आज भी वो रात याद करती हूँ तो खुद पर शमर आ जाती है पर मैं गीली भी हो जाती है।

ये कहानी मेरी 2019 की है जब कोरोना इस दुनिया में था भी नहीं। उस वक्त मेरी छाती 37 इंच की थी और गांड 35 इंच की। हलाकि अब उम्र के साथ मेरी छाती और भी बड़ी हो गई है जिस वजह से मुझे काफी सारे मर्द देखते है। उस वक्त भी कुछ ऐसा ही था। मेरा एक बॉयफ्रेंड हुआ करता था जो काफी हरामी था। हर दिन मेरी चुत की चुदाई और चाटने की गन्दी बाते करता था। मुझे पता था की वो बस मुझे होटल में लेजाकर चोदना और चूसना चाहता है।

पर मैं भी कोई मासूम लड़की नहीं। मैंने भी उसको आने पीछे खूब दौड़ाया और उसका खर्चा भी करवाया और आखिर में बस गाल पर एक पपी देदेती। इस तरह हमारा प्यार भरा रिलेशन चलता रहा। एक दिन उसने मुझे नाईट क्लब जाने को कहानी और मैंने उसे हाँ बोल दिया। मैं कभी भी नाईट क्लब नहीं गई।

अपने बॉयफ्रेंड के साथ मैंने छोटे कपड़ने पहने और वहा चली गई। वहा देखा तो पता लगा की दुनिया कितनी अच्छी है। हर तरह के लोग वह पर मजे कर रही थे कही तो मेरी आँखों के समाने ही चूमा चाटी कर रहे थे।

उस रात मैंने भी काफी पीना शुरू कर दिया और मैं और मेरा बॉयफ्रेंड नशे में डूब गए। उसके बाद जब रात के 12 बजे तो मैंने अपने बॉयफ्रेंड को कहानी की चलो अब मुझे घर छोड़ दो। उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे बाहर लेजाकर बीच रोड पर खड़ा कर दिया और मेरे होठो को चूमने लगा।

चूमते हुए उसने मेरी जुबान को चूसा तो कभी मैंने उसके होठो को। कुछ देर बाद अचानक से वो पीछे हटा और कहानी “बेबी मैं अपना फ़ोन लगत लगता है क्लब में ही छोड़ आया !! तुम तुम यही रुको मैं अभी आया।”

ऐसा कह कर उसने मेरे गाल पर चूमा और अंदर भाग गया। मैं काफी नशे में थी और मेरी चुत भी गीली थी। न चाहते हुए भी मेरा पूरा बन सेक्स करने का होने लगा। नशे में मुझे खड़ा नहीं हुए जा रहा था तो सड़क के पास ही मैं फुटपाथ पर बेथ गई।

भिखारी ने मौका देख दबोचा !

अब इंतजार कर रही थी और तभी पीछे से मुझे किसी ने दबोच कर चूमना शुरू कर दिया। उसके हाथ मेरे शरीर पर मेरी छाती पर सारी जगह चल रहे थे और वो अपने हटोहो से मेरी गर्दन पर चूमने लगा। मुझे पीछे मुड़कर तभी देख लेना चाहिए था की कोई भिखारी चुदाई करहने वाला है। मैं भी नशे में थी तो मैंने गन्दी गन्दी आवाजे निकल कर उस भिखारी वो और मजे देना शुरू कर दिया।

पीछे से भिखारी ने मेरी गार्डन को पकड़ा और मेरा मुँह मोड़ कर मेरे होठो को अपने गंदे होठो से चूमने लगा। उसकी गन्दी सासे मेरे मुँह के अंदर जा रही थी और उसके गंदे काले हाथ मेरी कमीज में घुस कर मेरी कोमल छाती को पागलो की तरह दबा रहे थे। मुझे काफी मजा आ रहा था इसलिए मैंने भी कुछ नहीं किया। कुछ देर तक मुझे चूमने के बाद उस हवसी भिखारी ने अपना गन्दा कला लंड निकाला और पीछे से मेरी कमर कर धीरे धीरे धके लगा कर उसे रगड़ने लगा।

उसका चिपचिपा गन्दा लंड मेरी कमर पर रगड़ खा रहा था और वो मुझे चूमता हुआ मेरी छाती दबा रहा था। उसका गन्दा मुँह मुझे चूमता हुआ गन्दी आवाजे कर रहा था और उसका थूक मेरे मुँह में गीर रहा था। वो ऐसी गन्दी हरकत मेरे साथ खुली सड़क पर कर रहा था। अब नजाने मेरे बॉयफ्रेंड को क्या हुआ की वो वापस ही नहीं आया और मैं नशे में उस भिखारी के साथ सेक्स करने लगी।

मुझे चूमते हुए उसने अपना एक हाथ मेरे शरीर के नीचे बड़ा दिया और मेरी टाइट जीन्स खोल कर मेरी कच्छी में हाथ घुसा दिया। उसका गन्दा ठंडा हाथ मेरी चुत को धीरे धीरे रगड़ने लगा और वो भिखारी मेरी गर्म चुत का आनंद लेने लगा। इस तरह वो मुझे पूरा दबोच रखा था। उसका लंड मेरी कमर पर रगड़ खा रहा था एक हाथ कच्छी में था तो दूसरा मेरी ब्रा के अंदर। इस तरह वो कुछ देर मुझे चूमता रहा और मेरे सुंदर शरीर का पूरा आनंद लेने लगा।

ऐसे भूखा भिखारी फ्री का खाना या भंडारा देख टूट पड़ता है वैसे ही वो मेरे ऊपर टूट पड़ा। सेक्स और सुंदर लड़की तो फ्री मैं कभी मिलती भी नहीं तो सोचो कैसे वो मुझे दबोचा होगा।

कुछ देर बाद उसने मेरा हाथ पकड़ा और पीछे खींचता हुआ अपने झोपड़े में ले गया। उसने मुझे अपने बदबूदार झोपड़े में लेटाया और मेरी जीन्स उतरने लगा। जीन्स उतार कर उसने मुझे दरी पर लेटाया और अपना गन्दा कला लिंग निकल कर ठीक मेरे मुँह के सामने कर दिया। उसका लंड कला ढीला और गोटिया भारी थी। पूरा लिंग झूल रहा था और उसके मुँह से यानि टोपे से लसलसा पानी टपक रहा था।

मैं देख हैरान रह गई और ये सोचने लगी की हो क्या रहा है। मेरे बॉयफ्रेंड का इतना लम्बा कला लंड कैसे हो सकता है। भिखारी ने अपना लिंग पकड़ा और उसका गिला टोपा सीधा मेरे मुँह के अंदर घुसा दिया।

उसका लिंग गर्म और गिला था और उसके पानी का स्वाद कुछ कटा था। उसके बाद उसने मेरी कच्छी उतारी और मेरी चुत को रगड़ रगड़ कर उसको भोसड़ा बनाने लगा।

उसने मुझे खूब रगड़ा और मैं उसकी काली मोटी गोटिया अपने एक हाथ में पकड़ कर उसका लिंग चूसने लगी। हम्म अहह मम।

भिखारी (चुत रगड़ते हुए) – अहह चूस !! अहह ममम अहह मम तुम्हारा छेद तो काफी छोटा है।

कल्पना (लंड चूसते हुए) – हम्म अहह अहंम अहह ममम अहह ममम अहह !!

भिखरी – अहह उह्ह्ह अहह अम्म्म अहह ममम अहह मम अहह अम्म अहह।

(कल्पना नीचे से पूरी गीली हो चुकी थी जिसका ये मतलब था की अब उसपर चुदाई का नशा भी हो गया था। वो भिखारी का गन्दा लंड जोर से चूसे जा रही थी और भिखारी की गोटिया अपने बड़े नाख़ून वाले सुंदर हाथो से दबा रही थी। भिखारी को दर्द तो हो रहा था उस से ज्यादा उसका ध्यान कल्पना किस लाल चुत रगड़ने में था और उसके गोर शरीर पर।)

अनजान भिखारी से चुदाई

अब भिखारी मुझे लंड चुसवा कर मेरी चुदाई के लिए तैयार हो गया पहले तो उसने मेरी गोरी लाल चुत की पूजा की। उसने अपने गंदे मुँह से मेरी चुत का पूरा स्वाद लिया। उसने मेरी योनी को कभी अंदर से चाटा तो कभी ऊपर से। साथ ही साथ उसे कई बार मेरी चुत पर जोर जोर से चूसे लगाए। मेरी चुत का ऊपरी भाग पूरा लाल जब तक न पड़ा तक तक वो रुका नहीं।

उसके बाद उसने अपने हाथ पर थूका और अपने लिंग को हिला कर उसे टाइट करने लगा। ऐसी गन्दी हरकते देख मैं और गीली हुई जा रही थी और भिखारी के साथ सेक्स करने के लिए मरे जा रही थी।

भिखारी ने अपने लिंग को खड़ा किया और मेरी चुत के दरवाजो पर अपना टोपा लगा कर उसे ऊपर नीचे रगड़ते हुए मुझे देखते लगा। उसका खड़ा टोपा मेरी चुत पर जोर जोर से रगड़ खा रहा था। ऐसा लग रहा था की मेरा पानी बस निकलने ही वाला है। उसने धीरे से अपना लिंग मेरे अंदर सरकाया और मेरे चेहरे को आंखे फाड़ फाड़ कर देखता रहा।

मुझे देखते हुए उसने धीरे धीरे चोदना शुरू कर दिया और मुझे चोदता ही रहा। उसका बड़ा सा लिंग मेरे अंदर बाहर होता जा रहा था और वो अपनी कमर पूरी पीछे करता और फिर तेजी से धका लगा कर मेरे अंदर कर देता।

अहह उसका लिंग का टोपा मेरे अंदर तेजी से रगड़ खा रहा था और चुत से धीरे धीरे पानी खोद कर बाहर निकाल रहा था।

काफी सर्दी लग रही थी और तेज हवा भी चल रही थी पर उसका गर्म लिंग और मेरी गर्म चुत की वजह से झोपड़े में गर्मी बनी हुई थी। उसने मेरी छाती के अगल बगल अपने हाथो को जमाया और मेरे ऊपर आकर मेरी टांगे खोल कर मुझे चोदने लगा। देखते ही देखते उसका लिंग मैं अपनी चुत में बड़ा और बड़ा होता महसूस करने लगी। उसके कूल्हे किसी मशीन की तरह चल रहे थे। मुझे चोदते चोदते उसका मुँह भी सुख गया और शरीर पसीने से गिला हो गया। इस सब के बावजूद वो मेरी लेता जा रहा था।

कुछ ही देर बाद उसने बड़े बड़े धके लगाना शुरू कर दिया और मेरी चुत से उसके लिंग पर थूकना। बच बच बच बच फच फच फच फच की गन्दी अश्लील आवाजे झोड़े सुनाई देने लगी और बाहर आते जाते कुछ दारुबाज लोग रात के एक बजे झोपड़े के पास इकठा हो गए।

मेरे भोसड़े की चुदाई की गीली आवाजे और मेरी गन्दी सिसकिया सुन कुछ लोग गन्दी बाते करने लगे।

एक ने कहा “वाह देखो जरा इस भिखारी को अपनी भिखारन हेरोइन को कैसे खली पेट चोद रहा है बेजारा।”
दूसरा बोला “भूखी चुदाई कर रहे है दोनों।”

वो नजाने क्या क्या बोलने लगे और काला बदबूदार भिकारी मेरे मुझे दबोच कर चोदता रहा। कुछ देर में ही वो हाफने लगा और उसने मेरी चूचिया अपने हाथो से दबा कर निप्पल बाहर निकले और ऊपर खुश कर दोनों को लगातार चूसने लगा।

वो मुझे चोदता हुआ अपनी नंगी गांड हिलता रहा और देखते ही देखते रात के 3 बज गए। भिखारी का झडा नहीं और मेरा 2 से 3 बार पानी निकल गया। झोपड़े के अंदर कडकती ठंडी हवा भिखारी की नंगी गांड को लग रही थी और पर फिर भी वो उसे हिला हिला कर मेरी चुत ले रहा था।

मेरे बाल काजल कपड़े सब बिखर गए चूचिया लाल, जाँघे और गांड चुदाई के थपेड़े से लाल पिली हो राखी थी और चुत के अंदर लंड की रगड़ से जलन मच रही थी। आंखे नशे से भरी थी और बस कोई भी मुझे उस हालत में देखता तो ये सोच बैठता की मैं 200 रुपए की रांड हु जो भिखारी से भी चुदने को तइयार हो गई।

कुछ ही देर मैं भिकारी मुझे चोदता हुआ मेरे बगल में लेट रहा और मेरी चुत में लंड घुसता हुआ मेरे मुँह को चूमे लगा। उसके मुँह पर मेरी चुत के बाल चिपके थे तो मेरे मुँह पे उसके लंड के। आज याद करती हूँ तो घिन आती है पर कभी कभी चुत भी नम हो जाती है। उस वक्त उसका गांड मुँह चूमते हुए मुझे लंड लेने में भी काफी आनंद मिल रहा था। उसकी तेज हाफति सासे और गन्दी आवाजे सुनकर मैं जान गई की वो अपनी चरम सिमा पर जा चूका है।

लंड बाहर निकालना तो चाहती थी पर उस वक्त शरीर में जान नहीं थी। ऊपर से वो भी पागलो की तरह मुझे चोद रहा था। भूखे भिखारी का दीवाना पन देख मेरे चौथी बार चुत से मलाई निकाल डाली।

उसके बाद उसने भी कास कर मेरे चूतड़ों को अपने दोनों हाथो से दबोचा और मेरी मलाईदार चुत चोदते हुए मुझे बोला “मेरे मुँह में थूक !!!”

पता नहीं क्या चाहता था पर मैंने उसकी बात मानी और उसके मुँह में थूकना शुरू कर दिया। उसका सूखा मुँह मेरे थूक से गिला क्या हुआ उसके चूतड़ों की रफ्तार और तेज हो गई।

और मैं अपनी थूक कीलम्बी लारे उसके मुँह में डालने लगी। भिकारी दीवाना होकर मेरा थूक निगलता हुआ मुझे पेलता रहा रहा और थोड़ी देर बाद ही उसका शरीर जोर जोर से कपकपाने लगा।

अचानक मुझे अपने अंदर गर्म पानी महसूस होने लगा और मैं समज गई की इसने मुझे अपना बना लिया। उसका सफ़ेद पानी वजह जा चूका था जहा जाना नही चाचिए था।

मुझे चोद कर सुने मेरे अंदर पानी चोद दिया और कुछ देर लंड अंदर घुसा कर रखा जब तक वो खुद किशमिश न हो गया।
मैं भी प्यार से उसे अपनी नरम छाती में दबा कर लेती रही और उसके गर्म शरीर की गर्मी में वही झोपड़े में सो गई।

सुबह उठी तो तेज सर दर्द होने लगा और अपने आप को बदबूदार झोपड़े में एक गंदे नंगे भिखारी के बगल में पाकर मैं डर से कपङे लगी। सूबा कुछ समज न आया की आखिर मैंने ये सब क्यों और कैसे कर दिया।

भिकारी नंगा सो रहा था और उसका टोपा लाल हो रखा था और उस वक्त भी मुँह से पानी चोद रहा था। मैं धीरे से उठी और हड़बड़ी मैं अपने कपडे पहने लगी।

चुत पर हाथ लगा तो पता लगा नीचे से मैं लसलसी हो राखी थी तब मैं समज गई की मैंने रात को इस गंदे भिकारी के साथ चुदाई कर डाली है। मैंने कपड़े पहने और बाहर देखा तो अस पास से गुजरते लोग मुझे देख रहे थे।

मेरे कपडे, शक्ल आहत में महंगा फ़ोन देख वो ये तो समज गए की मैं कोई भिखारन नहीं हूँ पर ये जरूर समज गए की मैं सस्ती रंडी हूँ जो भिकारी के भिख मांगे हुए पैसे के बदले चुदने को तइयार हो गई।


ये थी मेरी गरीब भिकारी के साथ चुदाई की सेक्स कहानी। मुझे पता है अपने से कई लोगो को काफी गन्दा लगा होगा पर यही सच है। ये सब यहाँ मैंने इस लिए बताया क्यों की ये बात आज तक किसी को पता नही लगी।

घर जाने से पहले मैंने अपने एक दोस्त की मदद ले ली। मैंने बच्चा रोकने वाली गोली खाई और अपनी दोस्त के घर जाकर ठीक से काजल लगाया और अपने बाल बांए। अपने कपडे ठीक किए और घर चली गई।

अब घर जाकर मुझे माँ और बाबा ने सुनाया तो काफी और यहाँ तक की माँ ने चाटा भी लगा दिया। पर उन्हें ये पता नही लगा की मैं एक भिखारी से सेक्स कर क्र आई हूँ।

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6 Comments

  1. Sala bhikhari kitna kismat wala tha. agr yesa asli mein ho chuka hai to us bhikhari ko khushi khushi mr jana chaiye. yesi sexy story to mujhe kafi psnd hai jisme garib logo ki chudai hoti hai. garib sex ka sabse jyada anand leta hai.

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