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Risto Me Chudai Ki Kahani 😱

कंगना एक 19 साल की सुंदर लड़की है जिन्होंने अपनी कहानी भेजकर आज पूरी दुनिया को ये बता दिया की वो अपने सगे भाई को किस तरह देखते है। कंगना ने अपनी कहानी में बताया की रक्षा बंधन वाले दिन किस तरह उसने अपने भाई का लंड चूसा और उसके साथ गांड फाड़ चुदाई भी की। कंगना की Risto Me Chudai Ki Kahani पढ़कर आप कँनेट जरूर करे और कंगना को मेल भी भेजे।


मेरा नाम कंगना है उम्र 19 साल और मैं लखनऊ की रहने वाली लड़की हूँ। यहाँ मेने अपना असली नाम नहीं बताया है। अपनी अम्मी की ही तरह मेरा शरीर भी कम उम्र में रसीला हो गया जिसे देख मेरा 2 साल बड़ा भाई अपना लिंग हिलाता। पहले तो मुझे पता नहीं था की ऐसा भी वो कुछ मेरे लिए सोचता है। वो क्या करता था मुझे सब पता था पर फिर भी मैं अनजान बनी रही। धीरे धीरे मेरे दिमाग में भी उसके लिंग सेक्सी कलमनाए आने लगी। हम दोनों के बीच ये रिश्ता कैसे बना आज मैं अपनी इस Risto Me Chudai Ki Kahani में बताने जा रही हूँ। कृपया अंत तक जरूर पढ़ना।

Meri Risto Me Chudai Ki Kahani

मेरा भाई चुपके से मेरी वीडियो और फोटो बना लेता था जब भी मैं घर की सफाई कर रही होती। झाड़ू या पोछा लगाने के लिए जब भी मैं नीचे झुकती तो वो अपनी आंखे फाड़ और मेरी छाती की कामुक दर्द देख अपने आप को आनंद देता। मौका मिलने पर मेरी फोटो भी ले लेता। ऐसा उसे कई बार किया और मुझे कभी पता नहीं लगा।

मुझे इतना जरूर पता था की वो मेरी छाती को चूसता हुआ मुझे चोदना चाहता है। मैंने कभी उस से इस बारे में बात नहीं की। पर धीरे धीरे ऐसे ख्याल मेरे ऊपर भारी पड़ने लगे। मैं भी अपने भाई से चुदवाने के सपने देखने लगी। कल्पना में डूबकर मेने भी कई बार अपनी चुत रगड़ी। मेरी Risto Me Chudai तब शुरू हुई जब रक्षा बंधन आया।

मैं हर दिन की तरह घर की सफाई कर रही थी। और मेरा भाई सोफे पर बैठा टीवी देख रहा था। मैं जनमुझ कर उसके सामने गई और अपनी चूचियों को दिखते हुए झाड़ू लगाने लगी। मैं बार बार अपनी चूचिया हिला हिला कर अपने भाई को उत्तेजित करने लगी।

कुछ देर बाद ही भाई ने पास पड़ा तकिया उठा और अपनी गोद में रख लिया। ये देखते ही में समज गई की भइया का लिंग तन गया। मैं आगे गई और भइया से तकिया छीन कर उसे चुका दिया। भाई हड़बड़ी में अपने हाथो से अपने खड़े लिंग को छुपाने लगे। पर मैं उनका लिंग पजामे से साफ देख सकती थी।

ऐसा करने के बाद भाई मुझे शर्म और गुस्से से देखते लगे। फिर मैने भी अपनी शर्ट ऊपर कर ब्रा में बंधे अपने बड़े दूध दिखा दिए। मेरे दूध देख भाई चौक गए और उनका लिंग पूरा खड़ा हो गया।

(कंगना अपने भाई का खड़ा लिंग देख कहमुख हो गई तो उसका भाई उसकी चूचिया देख। उसके भाई ने पहली बार कंगना को ब्रा में देखता था जिस वजह से उसके अंदर से हवस उबलने लगी। उसे पहली बार पिता लगा की उसकी बहन की चूचिया कितनी भारी और बड़ी है।)

कंगना – भइया मेरे बड़े बड़े देख आपका भी बड़ा हो गया !!भाई – अरे छोटी क्या है ये सब ??
कंगना – भइया मेरी गन्दी फोटो लेकर तुम जो भी करते हो वो मुझे पता है। तुम्हारे कच्चो से जो बू आती है वो मुझे पता है किस चीज की है !!
भाई – क्या क्या !!! कपड़े पहन जल्दी से !!!
कंगना – हाँ हाँ इतनी जल्दी क्या है !!

ऐसी ही कुछ और कहानियाँ

रिश्तों में चुदाई की कहानी

उसके बाद मेरी रिश्तों में चुदाई की कहानी शुरू हुई मैं अपने भाई की जांघो पर बैठी और अपनी छाती से उसके मुँह को दबोच लिया और प्यार से कहा “जो करना है करलो ये बात हमारे बीच ही रहेगी !!” ये सब करते हुए काफी अजीब लग रहा था। अपने ही भाई के साथ इस तरह रोमांस करना ठीक नहीं था पर जैसे ही भाई ने अपने होठो से मेरी चूचिया चुसनी शुरू की मैं ये भूल गई की हम दोनों है बहन है।

भाई ने अपने दोनों हाथो से मेरी कमर पड़की और अपने मुँह से मेरी ब्रा के ऊपर से चूसने लगे। उनके दोनों हाथ कभी मेरी कमर को सहलाते तो कभी चूतड़ों को। वो मेरी नरम छाती और पतली कमर का पूरा पूरा आनंद उठाते हुए आराम से चूचिया चूसे जा रहे थे। उनके होठो ने मेरी चूचियों को चूस चूस कर लाल कर डाला और जुबान से गिला। दातो की हल्की काट से मुझे भी आनंद मिलने लगा और मेरी गोरी गुलाबी चूचिया टाइट हो गई। शरीर पर रोंगटे होने लगे और योनी नम होने लगी जब भाई का लंड जांघो के नीचे चुभने लगा।

(कंगना अपने भाई के साथ रोमांस करने लगी। दोनों ही एक दूसरे के सहरीर को छूकर मानो ये बुल गए हो की वो दोनों भाई बहन है। कंगना अपने भाई के चुभते लिंग और चुच्चो की चुसाई की वजह से गीली होने लगी। दूसरी तरफ उसका भाई अपने बहन की सेक्सी हम और मोठे चूतड़ों की नोचता हुआ गुलाबी चूचिया चूस कर आनंद लेता रहा।)

रक्षा बंधन और चुदाई !

भइया को काफी मजा आ रहा था मेरी नरम कोमल गोरी छाती अपने मुँह पर रगड़ने में। अचानक से उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और अपने पजमाए के अंदर डालने लगे। पजामे अंदर हाथ जाते ही मैं उनका लंड कच्चे के ऊपर से ही मसलने लगी। गर्म मोटा लिंग धीरे धीरे कड़क होते हुए मैं अपने हाथ पर महसूस कर रही थी। ऐसा मेरे साथ पहली बार हुआ था जब मैंने किसी लड़के का लिंग छुआ हो। उस दिन मुझे पता लगा की लोग Risto Mein Chudai Ki Kahani इतनी ज्यादा क्यों पढ़ते है।

सेक्स की दुनिया में आप जितना ज्यादा गन्दा काम करते है उतना ही मजा अत है। इस लिए रिश्तों में चुदाई की कहानी ज्यादा गन्दी और कामुकता से भरी होती है। उसके बाद अचानक से मम्मी पापा आ गए। मैं झटके से उठी और अपनी ब्रा में गीली थूक से सनी चूचिया घुसा कर टीशर्ट वापस पहन ली। भइया ने फिरसे पास पड़े टेक से अपने लिंग को छुपा लिया।

उसके बाद का सीन कुछ खास नहीं पर फिर भी बता देती हूँ की मम्मी पापा ने मुझसे भाई राखी बंधवाई और भाई ने मुझे पैसे दिए। अंदर ही अंदर हम दोनों एकदूसरे को देख गीले हो रहे थे। मैंने भाई को प्यार से राखी बंदी और इनके कान में कहा “मुझे पैसे नहीं तुम्हारा वो चाइए !!” भाई ने भी मुस्कुरा कर कहा “हाँ हाँ ठीक है मिल जायेगा !”

इतने में मम्मी बोल पड़ी अरे अरे क्या मांग रही है !! कुछ महंगा मत माँगियो पागल !!!

अब थोड़ी देर बाद पापा को बुआ के यहाँ भी राखी बंदवाने जाना था तो दोनों मम्मी पापा करीब आधे दिन के लिए बाहर चले गए और घर पर बस मैं और भाई रह गए। अब यहाँ से मेरी Risto Me Chudai Ki Kahani शुरू हुई। दोस्तों यहाँ से मैं चाहती हूँ की अपने लिंग और योनी को जोर जोर से रगड़े।

भइया मुझे अकेले देखते ही मुझ पर कूद पड़े और मेरी टीशर्ट उतर कर मुझे आधा नंगा कर दिया। उन्होंने मेरे होठो पर चूमा और अपना लिंग बाहर निकल कर मेरे हाथ में थमा दिया। उसके बाद मैं जोर जोर से उनके गर्म गीले लिंग को उलटे हाथ से हिलने लगी और वो मेरे मुँह को चूमने लगे। कभी वो मेरे होठो को चूसते तो मैं कभी उनकी जुबान को।

कुछ देर तक मेरे होठो को चूमते हुए उन्होंने मेरे चुचो को दबाया और ब्रा से बाहर निकल दिया। उसके बाद मेरी पजामी में हाथ डालकर गीली कच्छी के ऊपर से चुत को सेहलने लगे। इस तरह मेने रिश्तों में चुदाई शुरू की और आधे घंटे तक हम ऐसे ही आनंद लेते रहे। आधे घंटे बड़े भइया मेरे कच्छी में हाथ दाल चुके थे और मेरी चुत में ऊँगली।

Bhai ke Sath Meri Risto Me Chudai Ki Kahani

कुछ एक घंटे तक भाई ने मेरी चुकिया दबाई और मेरी पजामी उतरने लगे। उसके बाद बिना कुछ बोले मेरी आँखों में देखते हुए उन्होंने मेरी कच्ची उतरी और मेरी गीली गन्दी चुत चाटने लगे। मेरी चुत रस से भरी थी और भइया का लंड अपने मुँह से शहद टपका रहा था। भइया के मुँह से पता लग रहा था की उन्हें चुत चाहते हुए गन्दा लग रहा था पर उनका लंड फिर भी खड़ा था और मेरी हर अहह की आवाज के साथ वो मेरी चुत अपनी जुबान से और ज्यादा जोर से चाटने लगते।

मेरी चुत से लम्बी लार टपकने लगी जिसे देख उनका मन मुझे चोदने का होने लगा। पर उस वक्त कंडोम नहीं था। उसके बावजूद वो खड़े हुए और मेरे मुँह के आगे अपना लंड कर दिया। मैं गिला लाल टोपा देख उसे खुदबखुद चांटे चूसने लगी और एक हाथ से उनके भरी लटकते गोटे दबाने लगी।

जैसे ही भइया का लंड पूरा गिला हुआ वो पीछे हाथे और मेरे गंदे मुँह को चुम कर मेरी चुत में एक झटके से लंड घुसा दिए।

(कंगना के भाई ने कंडोम नहीं पहना था पर फिर भी उसने कंगना को चोदना शुरू दिया। कंगना डर गई और ये सोचने लगी की क्या ये करना ठीक रहेगा की नहीं है ? दूसरी तरफ उसके भाई के मुँह से अपनी टपक रहा था। उसने सोचा की माल निकलने से पहले वो लंड बाहर निकाल लेगा।)

कंगना – भइया !! भइया !! भइया !!
भाई – हाँ क्या हुआ !!!
कंगना – हमे सेक्स नहीं करना चाहिए !!
भाई – अब क्या हुआ तेरी चुत गीली नहीं है क्या ?? या दर्द हो रहा है।
कंगना – अहह अहह ! उठ अहह !! नहीं वो अपने कंडोम नहीं पहना भैया !!!
भाई – अरे कुछ नहीं होगा !! मैं बाहर निकाल कर तेरे मुँह पर झाड़ दुगा !!

भाई के ऐसा कहने पर मैं चुप हो गई वैसे भी वो घंटो तक मुठिया मरते थे। उन्होंने मुझे सोफे पर लेटाया और मेरी चुत पर थूक कर अपना लिंग अंदर घुसा दिया।

दोनों हाथो से मेरी चूचिया दबा कर मुझे चोदने लगे लगे। जोर जोर से अपने कुलखे हिला कर वो मुझे चोदे जा रहे थे और मैं बस उनका चेहरा देख गन्दी अश्लील आवाजे निकल रही थी। उनका लिंग मेरी चुत के अंदर रगड़ खा रहा था और गोटिया चुत के ऊपर जोर से थपेड़े मार रही थी। चुदाई की मर से मेरी गांड और दोनों जाँघे लाल हो गई और चुत से रस मलाई निकलने लगी। इतने में भाई ने आगे बढ़कर मुझे अपना मुँह खोलने को कहा।

मैंने मुँह खोला तो उन्होंने मुझे चुम कर मेरे मुँह में थूक दिया। उनकी ऐसी अश्लील गन्दी हरकत से मेरी चुत और गीली हो गई और रस निकलने लगा। भाई का लिंग और गोटिया चुत के पानी से गीली हो गई। और चुदाई करते हुए भाई के पीछे लम्बी लम्बी लारे हवा में उड़ने लगी।

पीछे का फर्श चुत लंड के पानी से गिला होने लगा और भाई का मर्दाना शरीर पसीने से डूब गया। उसके बाद उन्होंने एक टांग सोफे पर राखी और मेरी एक जांघ पकड़ कर मुझे जोर जोर से चोदने लगे। मैं बगल से उनके चूतड़ों को जोर जोर से आगे पीछे होते हुए देखती रही और चुत से माली निकलती रही।

मेरा शरीर कपकपाने लगा और मेरी जांघो ऊपर चुत का रस लगा हुआ था। चुत से पानी निकाल कर मेरे चूतड़ों को भी गिला कर दिया और सोफे भी खराब हो गया। पर भाई मुझे ऐसे चोद रहे थे जैसे वो मेरा पानी ही निकालना चाहते हो। एक पल के लिए उनका टोपा बाहर निकला तो पता लगा की वो पूरा सुजा हुआ और लाल था। जिसे देख मैं समज गई की भाई को कितना दर्द हो रहा होगा।

पर भाई ने उसे वापस अंदर घुसा मारा और मेरे पैर के अंगूठे को चूसता हुआ मुझे चोदता रहा। अचानक से ममुझ से रहा नहीं गया और मैं चुत से तेज पानी की धार निकल बैठी। ऐसा मेरे साथ पहली बार हुआ था। चुत से निकलता पानी देख भाई ने जल्दी से चुत के आगे मुँह किया और एक घुट पानी अपने मुँह में भर लिया।

बस मेरी तो वही हालत खराब हो गई थी। Risto Me Chudai का आनंद मुझे मिला। अब भाई ने अपना मुँह आगे बढ़ाया और मैं समज गई की वो क्या चाहते है। मेने अपना मुँह खोला और उन्होंने मेरी ही चुत का पानी मेरे ही मुँह में डाल दिया।

मैं एक सास में ही चुत का पानी पी गई और भाई मुझे चूमने लगे। चूमते हुए वो अपना लिंग धीरे धीरे हिलने लगे। मुझे चूमते हुए उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और अपने लिंग पर रख दिया।

हाथ में लिंग आती ही मैं उसे हिलाने लगी और भाई तेज सासे लेने लगे। मैं नीचे बैठी और लिंग हिलाते हुए अपने होठो से उनके सूजे हुए लाल गोटे चूसने लगी। पहले चूसे से ही भाई की गोटिया दर्द करने लगी और लंड से माल बाहर आ गया।

और फिर क्या जैसे गन्दी फिल्मो में होता है मैंने भी उनका बेस्वाद लंड का पानी अपने गले से नीचे उतार लिया। तो दोस्तों ये थी मेरी Risto Me Chudai Ki Kahani अगर आपको पढ़कर अच्छा लगा तो नीचे कमेंट जरूर करे और लिखे भी करे।


मेरी Risto Me Chudai Kahani पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। मैं आगे भी इसी तरह की मस्त family sex story और bhai behn ki chudai कहानियाँ लेकर आती रहूगी। इसलिए अगर इस अन्तर्वासना कहानी को काफी लाइक मिलते है तो मैं दूसरी कहानी जल्द ही लिखूगी।

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8 Comments

    1. तो मैडम आप काया क्या कर रही हो ? प्रीती जी आप भी तो ये कहानी पढ़कर अपनी चुत में ऊँगली कर रही हो न। अगर भाई के साथ सेक्स नहीं कर सकती तो मेरे साथ करलो। अगर है हाँ है तो बोलो। अभी लंड पकड़ कर बहता आउगा। गुज्जर का लंड लोगी तो जिंदगी भर के लिए मेरे बन जोगी।

      1. Tushar ji apni choti behn ko jakr chodo wo legi tumhara lnd. aur main ayaha ye sb padne nahee ai kisi ne mujhe link bheja tha smja. Gujjar ho koi bhgwan nahee jo itna ghmand kr rahe ho. apni aukat me raho

        1. Bhen ki lawdi teri maa ko bhi choduga aur kese bhai ki gand mein sariya bhi daluga. Gujjar huu yesa na samjiyo ki chup beth jauga kati faad duga. apna patta bta wahi akr uske maar maarkr choduga aur ter baap bhi kuch nahee kr payega.

  1. hmari gotiya hai badi tumhara lnd hai choda aja. hmara lnd hai bda tumhari biwi ka bhosda. behn ki lwadi sali randi ki chudai ki kahani koi toh likho.

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