Aunty Sex Story | Desi Sex Story | First Time Sex Story | Girlfriend Sex Story | Hindi Sex Stories | XXX Stories

नौकरानी और मालिक की चुदाई

वो आदमी नौकरानी को कमरे में लेजा कर उसके साथ संभोग करने लगा। मेरा नाम अंजू है और आज मैं आप सभी को काफी हॉट सेक्स कहानी सुनाने जा रही हूँ। मेरी उम्र 26 साल है और मैंने अभी तक शादी नहीं की है। वैसे तो मैं लखनऊ की हूँ पर पुणे आकर रह रही हूँ। इस कहानी में मैं अपने बारे में कुछ नहीं बताने जा रही पर जो मैंने अपने पड़ोसी के घर देखा को जरूर बताने जा रही हूँ। 

कहानी का नाम naukrani aur malik ki chudai जानकर आपको समज ही आ गया होगा की इस कहानी में क्या होने जा रहा है। दरअसल बात ये थी की मैं जब नई नई पुणे गई तो मुझे वहा का रेहन सहन कुछ अलग लगा। वहा के लोगो का बात करने का तरीका खान पान सब अलग था। 

मेरा वहा कोई दोस्त नहीं था। मैं अपनी एक फ्रेंड के साथ पुणे गई थी क्यों की वहा मुझे किसी रिश्तेदार की वजह से सरकारी नौकरी मिली थी। 

अब हम दोनों को समज नहीं आ रहा था की कहा जाये क्या करे कैसे खाना बनाए क्यों की जोश जोश में तो हम घर से निकल पड़े थे। 

तभी मुझे अपने सामने वाले घर पर काम करती नौकरानी दिखी। वो रोज सुबह 9 बजे उस घर  झाड़ू पोछा करके जाती। 

मैंने और मेरी दोस्त ने सोचा की क्यूना हम भी काम वाली रख ले। हमारे घर का काम भी हो जाएगा और हम दोनों का खाना भी बन जाएगा।  

आँखों देखी नौकरानी और मालिक की चुदाई !!

बस यही सोच कर अगले दिन मैं अपने पडोसी के घर चल पड़ी। नौकरानी करीब 9 बजे आती थी और 10:30 बजे निकल जाती। उस दिन मैं अपने किराए के घर के सामने कड़ी हो गई और उसके बाहर आने का इंतजार करने लगी ताकि इसे रोक कर बात कर सकू। 

इसी बहाने में धुप लेने लगी। देखते ही देखते 11 बज गए मैंने सोचा की कब तक मैं इंतेजर करुँगी चलो सीधा उसे या तो बाहर बुला लेती हूँ या खुद अंदर चली जाती हूँ। 

पर मुझे न तो पडोसी का नाम पता था न काम वाली का तो मैंने दरवाजे घंटी बजे पर अंदर से कोई बाहर नहीं आया। 

दरवाजा आधा खुला था तो मैं अंदर चली गई। मुझे ज्यादा अंदर जाना ठीक नहीं लगा क्यों की मैं उनके लिए अनजान थी। मैं बस दरवाजे का सहारा लेकर कड़ी रही। 

जब अंदर से कोई बाहर नहीं आया तो मुझे लगा की कई सब ऊपर तो नहीं। 

ऊपर से मुझे तेज गानों की आवाज आ रही थी। 

मैं धीरे धीरे ऊपर जाने लगी तो मुझे किसी औरत की गन्दी आवाजे आने लगी। 

औरत – अहहह उह्ह्ह अह्ह्ह अहह !!

आदमी – अह्ह्ह्ह यहहह !! हिल मत !!

ऐसा लग रहा था की ऊपर जबरदस्त चुदाई हो रही है। पुरे घर पर कोई नहीं था ये देख में समज गई की ऊपर नौकरानी और मालिक की चुदाई चल रही है। मैं जैसे जैसे अपने कदम आगे बड़ा रही थी वैसे वैसे मुझे सेक्स चढ़ रहा था। 

मैंने कभी सोचा भी नहीं था की नौकरानी और मालिक की चुदाई भी हो सकती है। मैं ऊपर गई तो पता लगा दो कमरे है। एक का दरवाजा खुला था जहा से तेज गांव की आवाज आ रही थी और दूसरा कमरा अंदर से बंद था जहा देसी चुदाई हो रही थी। 

अंदर काम वाली आंटी की चुदाई हो रही थी और मैं ये जान कर डर से कापने लगी की और सोचने लगी की मैं कहा और कैसे लोगो के बीच रहने आ गई। पर जो भी को मुझे चुदाई की सेक्सी आवाजों को सुनकर मजा भी आ रहा था।   

दरवाजा पूरा बंद नहीं था इसलिए मैं अंदर देखने लगी। अंदर काम वाली के मुँह पर उस अदम ने कपड़ा बंद रखा था और उसे पीछे से चोद रहा था। 

काम वाली नंगे फर्श पर घोड़ी बनी हुई थी और मालिक उसकी चुदाई कर रहा था। मालिक का लंड लेकर कामवाली आंटी कभी हस्ती तो कभी रोने वाला मुँह बना लेती। 

मालिक उसे जोर से चोद रहा था और उसके धको से उसके स्तन झूल रहे थे। बस मुझे भी इसी तरह का सेक्स करना था। पर कभी बॉयफ्रेंड बनाने की हिमत नहीं हुई। 

वो आदमी अपनी पूरी जान लगा कर आंटी के पीछे चुदाई कर रहा था। काम वाली पीड़ा से मिलने वाले आनंद का पूरा मजा ले रही थी। उनके बड़े गोल स्तन कभी आगे जाते तो कभी पीछे। साथ ही दोनों कड़ी चूचिया बार बार नंगे फर्श को छूती जिस वजह से उनमे कामुक झनझनाहट हो जाती। 

चुदाई काफी अच्छी चल रही थी की तभी वो आदमी आनंद से सेक्सी आवाजे निकालने लगा। 

मुझे वो आदमी नहीं दिख रहा था जो चुदाई कर रहा था। आधा दरवाजा खुला होने की वजह से मुझे बस कामवाली का आगे का शरीर दिख रहा था। 

कुछ देर तक इसी था नौकरानी और मालिक की चुदाई चलती रही। 

नौकरानी और मालिक की चुदाई देख मेरी चुत भी गीली हुई !!  

उन्हें इसी तरह सेक्सी चुदाई करता देख मैं कामुक हो गई। मेरी कच्छी तो क्या नीचे से जीन्स भी नम होने लगी। मेरे पास कोई चारा नहीं था। मैंने अपनी जाँघे एक दूसरे से कस कर चिपकाई और बस वही खड़ी आँखों देखी नौकरानी और मालिक की चुदाई का आनंद लेती रही। 

धीरे धीरे काम वाली की आहे तेज होने लगी। काम वाली ने जोर से अपनी आँखे बंद की और सेक्सी चेहरा बना कर अपनी चुत से माल छोड़ दिया। 

मुझे फर्श पर पानी की मोटी धार गिरने की आवाज आई जो काफी हॉट थी। ऊपर से वो आदमी भी बोलै “अहह  उह्ह अहह !! अह्ह्ह रस इतना सारा रस !!”

उसके बाद मालिक अपनी काम वाली को पीछे से चाटने लगा। मुझे उसके होठो की चूसने और जुबान की चाटने की सेक्सी चिपचिपी आवाजे आ रही थी। 

काम वाली का शरीर अजीब तरह से थरथरा रहा था और उसकी हांफती हुई सासो से ऐसा लग रहा था जैसे उसके चुदाई में काफी आनंद आया हो। 

उस आदमी ने चुत चाट कर कामवाली के मुँह का कपड़ा खोला और उसे पीठ के बल लेता दिया। 

काम वाली की दोनों कोहनिया ठन्डे फर्श से छील गई थी। उसे लेता कर वो आदमी उसके ऊपर लेता और उसके काले होठो को दिल लगा कर चूमने लगा। 

कुछ इसी तरह चूमते हुए उसने अपना लिंग वापस उसकी योनी में डाला और उसे चोदने लगा। 

काम वाली ने उसे पने होठों पर चूमने से रोका और दो पल सास लेने के बाद बोला “साहब मेरा तो निकल गया अब अपना भी जल्दी करलो !!”

मालिक – क्यों साली अब किसके साथ करेगी जाकर !!

कामवाली – माफ़ करदो मालिक काफी सारे घर पड़े है जाकर काम भी करना है अपने यही मेरे बदन को तोड़ दिया !!

उसके बाद वो आदमी जोर से कामवाली के स्तनों को जकड़ा और उनपर अपने हाथो से लाल ईशान बना दिया। 

स्तन दबते हुए उसने उसके बड़े बड़े  निप्पल चूस डाले और उन्हें भी टमाटर की तरह लाल कर दिया। 

साथ ही वो कमर भी हिलता हुआ उसे चोदता रहा। अब क्यों की दोनों मुझे दिख रहे थे इस लिए मुझे डर लग रहा था की वो मुझे देख न ले। 

वो आदमी इसी तरह कामवाली के स्तनों को चूसता रहा और काम वाली पूरा आनंद लेती हुई लेटी रही। 

इसी दौरान मैं धीरे धीरे वापस नीचे चली गई। बस अंत में वापस अपने घर चली गई। उसके बाद वो काम वाली कब तक चुदाई सहन करती रही ये तो मुझे नहीं पता क्यों की घर जाते ही मैं भी हस्तमैथुन करने लगी और अपनी चुत को अपने ही उंगलियों से चोदने लगी। 

आपको कहानी कैसी लगी?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0

Similar Posts