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मेरे बीबी मेरे सामने अपने यार ओर उसके दोस्त से चुदी 2

लेखक ने अपनी दूसरी कहानी भेज हम सबको ये बताया की कैसे उसने अपनी रंडी बीवी ने कैसे गन्दी अश्लील हरकत कर लेखक को शर्मनाक किया। पर लेखक को अपनी रैंड बीवी को देख चरमसुख आनंद भी मिला। कहानी का पहला भाग पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे


हेलो दोस्तो कैसे हो आप सब मै रोहित एकबार फिर आपके सामने हाजिर हू ओर इस बार मै अपने पाठक शरद की कहानी की दूसरा भाग आपके सामने प्रस्तुत करने जा रहा हू> आपके कमेन्ट कम आए पहले भाग पर मै शरद की आपबीती आपको सुना रहा हू तो आपसे उम्मीद रखता हू बदले मे आप भी कमेन्ट करके मुझे बताए कहानी के बारे मे

> दोस्तो जेसा की आपने पढा की मेरी बीबी ने अपने दोस्तो को बुलाकर मेरे सामने अपनी चुदाई करवाई ओर मुझे जलील करवाया मै जब आफिस गया तो सोच रहा था आज रात घर जाने से अच्छा है कही जाकर मर जाऊ मगर मरना भी आसान नही है दोस्तो तो मैने सोचा कही इस शहर के छोड़कर दूसरी जगह चला जाऊगा ये सोचकर मैने कंपनी मे दूसरी ब्रांच मे नोकरी करने की इच्छा जताई तो कंपनी के मैनेजर ने पोस्ट खाली होने पर भेजने की बात कह दी> अब मै आफिस मे बैठकर रात की बात याद करने लगा तो मुझे लंड चुसाई का सोचकर गुदगुदी सी होने लगी ओर मेरी वासना जागने लगी मै खुद को धिक्कारने लगा मगर मेरा खुद पर काबू नही था> खैर इसी तरह थोडा बहुत काम कीया ओर शाम को शराब लेकर होटल पर खाना खाने चला गया खाना खाकर घर पहुंचा तो आज फिर वही सीन था मगर दरवाजा बंद था रात के 9 बज चुके थे> मेरे कमरे मे आज भी मेरी बीबी के यार आए हुए थे मै चुपचाप दूसरे कमरे मे घुस गया ओर लोक कर लिया दरवाजा तभी असलम ओर आसिफ दरवाजा बजाने लगे बोले शरद बाहर आ बात करनी है तो मै डर गया सोचा कही मारपीट करेगे तो मैने मना कर दिया तो आसिफ ने कहा अगर हमने दरवाजा तोडा तो पीटेगा भी इसलिए चुपचाप दरवाजा खोल दे ओर हमारी बात मान ले तो मेने दरवाजा खोल दिया> असलम ओर आसिफ कमरे मे घुस गये ओर बोले रात के लिए सोरी भाई शरद देख तेरी बीबी तेरे से संतुष्ट नही होती है ये तुझे भी अब पता चल गया होगा अब भलाई इसी मे है की हमारी चुदाई मै तू रूकावट ना बनना इससे तेरी बीबी बाहर नही जाएगी मुह मारने तेरी बदनामी भी नही होगी ओर हमे तेरी बीबी की चुदाई के अलावा कुछ लेना देना नही है> शरद ने कहा ऐसा नही होता है तो असलम बोला तेरी शादी से पहले ओर बाद मे लगातार ये हो रहा है मगर मेने कीसी को नही बताया आज तक तेरी इज्जत बचाकर रखी है अब तू भी कहना मान ले ओर हमे चुदाई का मजा लेने दे चाहे तो तू भी चुदाई मे शामिल हो सकता है> अगर तुम्हे शर्त मंजूर है तो चाय बनाकर ले आना हम इंतजार कर रहे है तेरा ये कहकर वो चले गये तो मन ही मन मेरा भी लंड चुसने का मन करने लगा पांच मिनट बाद मै कमरे से निकला ओर रसोई से चाय बनाकर ले आया> चाय पीते ही आसिफ ने कहा बिनिता कल कहा था ना ये भी लंड चुसने के मजे ले रहा है तो बिनिता ने कहा मेरे पतिदेव की सेवा कर दो उधर बिनिता असलम की गोद मे बैठी थी ओर असलम उसकी चुचियो को नाइटी के उपर से ही मसलने मे लगा था> तभी आसिफ ने मुझे नीचे बैठने को कहा तो मै नीचे बैठ गया ओर आसिफ ने अपनी पेन्ट ओर कच्छे को खोलकर घुटने तक खिसका दिया ओर उसका काला मुरझाया लंड भी मेरे खडे लंड जितना लग रहा था> मैने अपनी आंखे बंद कर ली तो आसिफ ने कहा गांडू शर्माना छोड दे ओर मजे ले तेरी बीबी तो खुलकर चुदाई करवा रही है तो तू क्यो शर्मा रहा है आ जाओ तो मेने अपने हाथो से आसिफ के लंड को पकड लिया ओर उसे सहलाने लगा देखते ही देखते आसिफ का लंड मूसल बनकर तन गया तो आसिफ ने कहा गांडू अब थोडा चुस भी ले तो मैने अपनी जीभ से उसके लंड पर जमी सफेद पपडी को चाटकर साफ कीया अब आसिफ के काले लंड का लाल सुपारा चमकने लगा ओर धीरे धीरे मैने उसके मुसल लंड को आधा मुह मे भर लिया ओर चुसने लगा तो आसिफ ने भी मेरे सर को पकडकर अपना लंड मेरे मुह मे पूरा घुसाने लगा मेरे मुह की जोरदार चुदाई होने लगी तो बिनिता की चुदास भडक गयी ओर वो भी असलम के लंड को मसलने लगी तो असलम ने कहा जान तुम भी अपने पति के पास बैठो तो बिनिता मेरे पास आकर बैठ गयी घूटनो को मोडकर तभी असलम बेड से उतरकर उसके सामने खडा हुआ ओर अपनी पेन्ट कच्छे को उतारकर फैक दिया असलम का लंड पहले से ही खडा था ओर मेरी बीबी ने उसका लंड अपने मुह मे भरकर गपागप चुसने लगी अब मे अपनी बीबी के साथ उसके यारो के लंड चुसने मे लगे थे> दोस्तो बताने मे बहुत अजीब लग रहा है मगर ये घटना मेरे साथ घट चुकी है> 15 मिनट की चुसाई के बाद मेरे लंड से भी क्रीम निकलने लगी तो बिनिता की चुत से भी कामरस निकलने लगा ओर उधर उन दोनो के लंड कीसी राड की तरह कडक हो गये ओर लंड की नसे चमकने लगी थी> मेरी बीबी ने खडे होकर अपनी नाइटी खोल दी ओर काले रंग की ब्रा पेटी पहने उसका गोरा बदन कीसी संगे मरमर की मूर्ति की तरह चमक रहा था तभी असलम ने बिनिता की चुचियो को अपने हाथो मे भर लिया ओर कसकर दबाने लगा तो आसिफ ने मेरे मुह से अपना लंड बाहर निकालकर मुझे आजाद कर दिया ओर मेरी बीबी के पिछे खडा होकर उसकी गर्दन को चुमने लगा उसके हाथ मेरी बीबी की ब्रा पर थे ओर देखते ही देखते उसने मेरी बीबी की ब्रा को खोलकर उसकी चुचियो को आजाद कर दिया अब असलम बिनिता की निपल को पकडकर दो उगलियो से दबाने लगा तो वो सी सी सी सी करकर सित्कार भरने लगी> आसिफ अब घुटनो के बल बैठकर बिनिता की काली कच्छी को उतारने लगा बिनीता ने एक पैर उठाकर फिर दूसरे पैर मे अटकी अपनी कच्छी को अपने पैरो से फैक दिया आसिफ मेरी बीबी की गांड को अपनी लंबी जीभ से चाटने लगा तो बिनिता ने भी अपनी गांड को पिछे निकालकर अपनी चुत आसिफ के मुह के सामने कर दी> आसिफ की जीभ बिनिता की चुत ओर गांड दोनो को छुने लगी तो बिनिता की आहे भी बढने लगी वो कामुक होकर> आह आह आह आहहहह> हाय हाय हाय हाय> कहने लगी ओर बिन जल की मछली की तरह उसका बदन मचलने लगा असलम ओर आसिफ उसके अंग अंग का स्वाद ले रहे थे शरीर का ऐसा कोई हिस्सा नही था जिसे वो नही चाट रहे थे> बिनिता की चुदास इतनी बढी की वो बिना चुदे ही 20 मिनट फिर से झडने लगी ओर उसका कामरस उसकी गोरी जांघो पर रिसकर फैलने लगा> बिनिता ने कहा असलम अब चोदो भी कितना तडफाओगे मेरी जान निकल रही है तो आसिफ ने कहा रूक जाओ जान अभी तो सारी रात बाकी है> तो बिनिता ने कहा सारी रात चोद लेना मगर अब मेरे से सहन नही हो रहा है प्लीज असलम तो असलम ने बिनिता की एक टांग को उठा लिया लिया ओर खडे खडे ही बिनिता की गीली चुत पर अपना मूसल लंड घिसने लगा जिससे बिनिता की सांसे उपर नीचे होने लगी तभी असलम ने अपने लंड को मुठी मे लेकर उसका टोपा बिनिता की लाल चुत मे फंसा दिया ओर बिनिता के होठो पर अपने होठो को लगा दिया असलम ने दो झटको मे अपना मुसल लंड बिनिता की चुत मे उतार दिया तो बिनिता का बदन कसमसाने लगा मगर आज भी बिनिता कुछ नही कर पाने की पोजीशन मे थी> तो आसिफ ने मुझे अपने पास बुलाकर अपना लंड मेरे मुह मे भर दिया ओर मेरे सर को दबाकर मेरे गले तक अपने लंड को फंसाकर अंदर बाहर करने लगा पांच मिनट मे ही आसिफ ने मेरा जबडा दुखा दिया तो उधर असलम का लंड अब बिनिता की चुत मे घपाघप कर के अंदर बाहर होने लगा ओर बिनिता भी मस्ती से चुदाई करवाने मे लग गयी> आसिफ ने मेरे मुह से लंड बाहर निकाला ओर बिनिता के पिछे जाकर उसकी गांड को फैलाकर अपने लंड को बिनिता की गांड पर सेट करने लगा तो बिनिता की सांसे फिर से उपर नीचे होने लगी ओर बिनिता ने कहा आसिफ आराम से करना आज दिनभर मेरी गांड दर्द कर रही थी तो आसिफ ने कहा कल नही दर्द होगा एक दिन तो होता ही ओर बिनिता को बातो मे लगाकर उसने बिनिता की गांड मे टोपा उतार दिया ओर फिर बिनिता के कंधो को कसकर पकड लिया ओर पूरी ताकत से एक ही झटके मे बिनिता की गांड मे पूरा लंड घुसा दिया जिससे बिनिता की चीख कमरे मे गूंज उठी तो उसका बदन दर्द के चलते कपकपाने लगा> आसिफ ने गांड से लंड बाहर निकाला तो बिनिता ने मुह खोलकर सास ली तभी आसिफ ने एकबार फिर बिनिता की गांड मे मूसल लंड एक झटके मे पूरा उतार दिया तो बिनिता की हालात खराब हो गयी> दर्द के कारण आज फिर बिनिता को मम्मी पापा याद आ गये ओर वो> पापा बचाओ> मा बचाओ> उईईईईई मा मर गयी कहकर चीखने लगी पांच मिनट बाद बिनिता की गांड को आराम मिलता तो बिनिता अब दोनो लंड घपाघप खाने लगी तो जबरदस्त चुदाई देखकर मेरे लंड का फव्वारा भी फुट पडा ओर मेरा रस पेन्ट मे ही निकल गया> मगर उधर तो चुदाई अभी शुरू हुई थी दो मूसल लंडो के ताकतवर प्रहार बिनिता की चुत ज्यादा देर नही झेल पाई ओर 20 मिनट के बाद बिनिता असलम के लंड पर झडने लगी तो बिनिता की चुत से फचाफच की आवाज निकलने लगी तो असलम ने आसिफ तुम आगे आ जाओ तो दोनो ने अपने लंड बाहर निकाले ओर आसिफ ने बिनिता को अपनी गोद मे ही उठा लिया ओर बिनिता ने आसिफ के लंड को पकडकर धीरे धीरे अपनी चुत मे पूरा अंदर ले लिया तो असलम ने दोनो हाथो से गांड को फैलाकर बिनिता के भूरे छेद पर लंड टिकाकर दो झटको मे अपना लंड उसकी गांड की गहराई मे उतार दिया तो बिनिता ने अपनी बाहो को गर्दन मे डालकर आसिफ को कसकर पकड लिया ओर असलम ओर आसिफ के लंड पर उछलने लगी> दोस्तो मेरा लंड एकबार फिर से खडा हो गया मेरी बीबी की जबरदस्त चुदाई देखकर दोस्तो चुदाई तो ऐसे ही होती है हकीकत मे जैसे कोई मूसल ओखली मे धनिया कूट रहा हो> उधर बिनिता चुदाई से मस्त होकर अपनी कामुक आवाजो से कमरे के माहोल को कामुक बना रही थी> आह आह आह आह> जोर से चोदो जान ऐसे ही> उईईईईई ईईईई उईईईईई मा> मर गयी मै> चोदो> फाड दो मेरी चुत ओर गांड को ऐसे ही आह> आह आह आह आह आह> हाय हाय जोर से ओर जोर से> असलम मेरी जान मेरी गांड पर रहम मत करो फाडकर रख दो इसे> आह आह आह आह आह> हाय हाय हाय हाय> ओर जोर से> आसिफ आज तो तुम्हारा लंड मेरी बच्चेदानी को ही हिला देगा> आह आह आसिफ मेरी जान चोदो मुझे ऐसे ही जान आह आह> हाय हाय हाय मेरी जान मेरी गांड तो फाड ही दी आज> आय हाय> बिनिता मेरी जान तुम्हे अब हमेशा ऐसे ही हमारे लंड पर झुला झुलाते रहेगे तो बिनिता ने कहा असलम मेरी जान इस झुले के बिना मै मर जाऊगी बस ऐसे ही मुझे चोदते रहना तुम तो आसिफ ने कहा मेरी जान तुम्हारे लिए तो लंडो की लाइन लगवा देगे बस तुम यू ही उछल उछल कर चुदाई का मजा लेती रहना लंडो की कमी नही होने देगे> ओर इस तरह लंड चुत ओर गांड की घमासान चुदाई के बाद आखिरकार 40 मिनट के बाद तीनो अपने चरम पर पहुंच गये ओर असलम ने बिनिता की गांड मे रस भरा तो आसिफ के लंड ने बिनिता की बच्चेदानी पर पिचकारी मारकर अपना माल गिरा दिया> दो मिनट तीनो ख़ामोश होकर खडे रहे ओर फिर बिनिता को आसिफ ने अपनी गोद से उतारा तो विनिता ने मुझे कहा मेरी जान मेरा माल तो चाटकर साफ कर दो तो मैने मना कर दिया मेरे मना करते ही आसिफ ने मेरे गाल पर जोर से थप्पड लगा दिया थप्पड पडते ही मेरी आंखो से आंसू निकल आये तो मेरी बीबी ने कहा आसिफ मेरा पति है यार आराम से मना कर दिया तो क्या हुआ कर देगा बेचारा फिर बिनिता बोली मेरी जान क्यो गुस्सा कर रहे हो लो रस ही तो है पी लो तो मै नीचे बैठ गया ओर बिनिता ने अपनी टांग फैलाकर चुत मेरे मुह पर लगा दी ओर मे बिनिता की गांड ओर चुत से निकल रहै तीनो के रस को चाटने लगा असलम ओर आसिफ के वीर्य की गंध से मेरे बदन मे एक हलचल सी होने लगी दो मिनट तक आसिफ ओर असलम का वीर्य बिनिता की गांड ओर चुत से निकलता रहा ओर मै उसे चाटकर साफ करता रहा> बिनिता अब नंगी ही पेशाब करने टायलेट मे चली गयी तो वो दोनो बेड पर लेट गये ओर मुझे कहा शरद पहले पानी पिला दे फिर दूध गर्म कर दे यार तो चुपचाप पानी लेने चला गया दोनो को पानी देने के बाद मै दूध गर्म कर के ले आया बिनिता दोनो के बीच आ गयी ओर दोनो के हाथ बिनिता की चुचियो को सहला रहे थे>दूध पीने के बाद मैने कहा मै सो रहा हू तो आसिफ बोला गांडू हमारा लंड कोन खडा करेगा चुपचाप कुर्सी पर बैठ जा तो मै कुर्सी पर बैठ गया मैने समय देखा तो आज भी कल वाला समय हो चुका था 12 बज चुके थे>मै गर्दन झुकाकर बैठा रहा ओर वो तीनो हंसी मजाक करते रहे आधे घंटे बाद आसिफ ने कहा जान अब मूड बना दो तो बिनिता बोली शरद मूड बनाने के लिए ही तो बैठा है ओर हसने लगी तभी असलम ओर आसिफ खडे होकर मेरे पास आ गये तो मेने चुपचाप नीचे बैठकर दोनो के अधखडे लंडो को अपनी मुठी मे भर लिया ओर उनको सहलाने लगा दो मिनट मे ही दोनो लंड अपने असली रूप मे आने लगे ओर मेरी मुठी उनके लंड भर गयी अब आसिफ ने मेरे को लंड मुह मे लेने को कहा तो मेने आसिफ का लंड मुह खोलकर चुसने लगा तो असलम ने बिनिता को कहा जान तुम भी आ जाओ तो बिनिता मेरे पास बैठकर असलम के लंड को चाटने लगी उसकी गोलीयो को मुह मे लेकर चुसने लगी तो असलम आंखे बंद कर के आह आह करके सित्कार भरने लगा हम दोनो मिया बीबी ने असलम ओर आसिफ के लंड को चुस चुसकर चिकना बना दिया तो आसिफ ने असलम से कहा असलम कुछ हल्का हो जाए तो मै समझा नही ना ही बिनिता समझी तो असलम ने कहा पूछना क्या मैरा भी मन हो रहा है>इतना सुनते ही आसिफ ने मेरे सर को कसकर पकड लिया तो असलम ने बिनिता के सिर को दबा लिया ओर दोनो एकसाथ हमारे मुह मे मुतने लगे ना चाहते हुए भी उनका गर्म पेशाब हम गटगट करके पीने लगे बाकी प्रेशर अधिक होने से मेरे कपडे पेशाब से भर गये तो बिनिता की चुचियो से बहता हुआ चुत से नीचे गिरने लगा दोनो ने कोई आधा आधा लीटर पेशाब हम दोनो को पिला दिया उसके बाद जब असलम ने बिनिता के मुह को आजाद कीया तो बिनिता भडक गयी बोली ये क्या मजाक है मुझे ये सब पसंद नही तो असलम ने कहा हम तेरे गुलाम नही भडकने की जरूरत नही है अगर इतना ही नही पसंद तो मै चला जाता हू इतना सुनते ही मै खुश होने लगा मगर बिनिता तुरंत ही माफी मांगने लगी बोली सोरी जान मजाक कर रही तो असलम ने कहा हम कोनसा जा रहे थे ओर फिर तीनो हसने लगे>बिनिता बोली जान अब हमारी चुत की प्यास बुझा दो साली बहुत तंग कर रही है तो आसिफ बोला गांड मे भी खुजली चलने लगी क्या तो बिनिता ने कहा आसिफ तू तो मेरी गांड को गोदाम बनाकर ही मानेगा तो आसिफ ने कहा जान गोदाम ही ठीक है बडे हथियारो के लिए ओर हसने लगा असलम बेड पर जाकर लेट गया ओर मुझे कहा अपना मुह उपर की तरह कर के मेरे उपर लेट जाओ जान मै लेटने लगी तो असलम ने कहा जान पहले गांड मे लंड तो ले लो तो बिनिता ने दोनो पैर फैलाकर असलम के लंड को गांड पर सेट कर के धीरे धीरे उसपर बैठ कर अपनी फटी गांड मे जड तक लेकर असलम पर लेट गयी>अब असलम ने आसिफ को बिनिता की चुत मे लंड पेलने को कहा तो आसिफ ने बिनिता की टांगो को चोडा कर के उसकी चुत पर लंड रखकर दो झटको मे पूरा लंड उसकी चुत मे घुसा दिया ओर फिर 20 मिनट तक चले चुत गांड ओर लंड के महासंग्राम का मै बैठकर मजा लेने लगा>बिनिता की चुत से फचफच तो गांड से पटापट की आवाजो के साथ बिनिता की कामुक आवाजे>आह आह आह आह>हाय हाय हाय हाय हाय>उईईईईई ईईईई उईईईईई मा>मार डाला हाय हाय मार डाला>जोर से जान जोर से>ओह मा बचाओ मुझे>आह आह आह आह आह आह आह>उईईईईई ईईईई उईईईईई ईईईई उईईईईई ईईईई मा मरी>कहकर चुदने लगी 10 मिनट मे ही बिनिता की चुत ने कामरस छोड दिया तो आसिफ का मूसल लंड तेजी से अंदर बाहर होने लगा जैसे कोई मशीनगन चल रही हो>20 मिनट के बाद एकबार फिर बिनिता की गांड फट गयी ओर वो आसिफ के लंड के तेज झटको से वो फिर से झडने लगी तो आसिफ ने लंड को चुत से बाहर निकाल लिया लंड बाहर निकालते ही बिनिता का पेशाब की एक लहर भी निकल पडी ओर वो गांड मे लंड लिये ही उसका बेड पर मूत निकल गया तो आसिफ ने कहा असलम आज तो इसका मूत ही निकल गया लगता है आज चुदाई कुछ ज्यादा ही गांड फाड हो रही है तो असलम ने कहा बकरे का कमाल है आसिफ कहा था ना>आसिफ ने कहा सही कहा आसिफ ने कहा बिनिता जान अब कुछ देर असलम के लंड को चुत मे ले लो ताकी हम आपकी गांड मार ले तो बिनिता बोली हा हा तुम तो कसम खाकर आए हो गांड फाडकर गांड का गोदाम बनाओगे ही ओर हसने लगी>बिनिता खडी होकर अब घुम गयी ओर असलम के लंड को पकडकर अपनी चुत पर रखकर उसे निगल गयी ओर अपनी चुचियो को असलम की छाती से चिपकाकर सो गयी असलम ने बिनिता के होठो को अपने होठो से जकड लिया ओर आसिफ ने बिनिता की गांड के खुले छेद मे अपना लंड एक झटके पूरा फिट कर दिया बिनिता थोडा सा कसमसाकर रह गयी ओर एकबार फिर बिनिता की गांड फाड चुदाई होने लगी>जैसे जैसे चुदाई बढती जा रही थी वेसै वेसे चुत ओर गांड का दर्द भी बढ रहा था धीरे धीरे बीनिता की आहे अब चीख मे बदलने लगी ओर वो जोर जोर से>आह आह आह आह आह आह आह आह>हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय>उईईईईई ईईईई उईईईईई ईईईई उईईईईई ईईईई उईईईईई>मर गई मा ईईईई

बचाओ मुझे छोडो मुझे कहकर चीखने लगी मगर अभी वो झडने के आसपास भी नही थे वो दोनो बिनिता के नाजुक बदन को मसलते रहे जैसे कोई फूल पैरो के नीचे आने पर मसल जाता है वैसे ही बिनिता का बदन कामरस छोड छोड़कर थक गया था मगर आज वो दोनो नही थक रहे थे>दूसरे राऊड मे चुदाई होते हुए लगभग एक घंटा हो चुका था>बिनिता के मुह से चीख निकलनी बंद हो गयी ओर दर्द से उसके आंसू बहने लगे तो असलम ओर आसिफ ने पूरी ताकत लगाकर चुत ओर गांड पर हमला कर दिया ओर झटको की स्पीड दोगुनी कर दी जिससे वो दोनो भी कुछ देर बाद अपने चरम पर आखिरकार पहुंच ही गये ओर अब आसिफ असलम आह आह कहकर बिनिता की चुत ओर गांड मे झडने लगे जिससे बिनिता को कुछ राहत मिली>दो मिनट के बाद तीनो अलग होकर बेड पर लेटकर आराम करने लगे तो बिनिता की चुत ओर गांड से असलम ओर आसिफ का माल बहकर बाहर निकलने लगा मै चुपके से बाहर निकल आया ओर कमरा बंद कर के सो गया सुबह जब मै उठा तो वो तीनो नंगे ही बेड पर एक दूसरे से लिपटकर सो रहे थे मे नहाकर आफिस निकल गया

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One Comment

  1. चुदाई की ऐसी अश्लील कहानिया मुझे काफी पसंद है। ऐसी देसी कहानिया पढ़कर मेरा लिंग अपने आप बून्द बून्द गिराने लगता है। कृपया ऐसी मस्त चुदाई कहानियाँ हर दिन डालिए।

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