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ट्रेन में सेक्सी चुदाई !!

दिल्ली से पंजाब जाती ट्रेन में मैं एक लड़के से प्यार कर बैठी। वो लड़का मौका देख मुझे ट्रेन की लैटरिंग में ले गया और वहा मेरी पजामी उतारने लगा। मेरा नाम प्रिय है और ये मेरी ट्रेन में सेक्सी चुदाई की कहानी है। 

मेरी उम्र 21 साल है और मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ और ये है मेरी Antarvasna Kahani। मेरी नानी पंजाब से थी इसलिए मैं उस वक्त दिल्ली से पंजाब अपनी मम्मी और भाई के साथ जा रही थी। 

ट्रेन का सफर करीब 6 से 7 घंटे का था उसी बीच मुझे एक लड़का देखने लगा। वो लड़का काला और बदसूरत सा था पर उसकी बॉडी पहलवानो जैसी थी जो मुझे पसंद आ गई। 

वो लड़का मुझे देखता रहा और मैं भी उसे देखती रही। देखते ही देखते उसकी जीन्स में से कुछ मोटा सा दिखने लगा और ये देख मैं हैरान हो गई की ये कही उसका लिंग तो नहीं। 

उसकी शिकारी आंखे बस मेरी ही नरम छाती पर थी जिसे देख वो कामुक हो उठा और उसका लिंग खड़ा हो गया। 

मुझे शर्म आने लगी और साथ ही हसी भी। मेरी हसी देख उसे लगा की मैं भी उसे पसंद करती हूँ। पर ऐसा नहीं था। 

अब सफर करते करते एक घंटा निकल गया और मेरी आंख लग गई। जब मैं उठी तो वो लड़का वहा नहीं था। 

तभी मुझे बाथरूम जाने के मन किया तो मैं उठी और टट्रेन के पीछे वाले ढाबे में जाने लगी। 

तभी वो लड़का मुझे रस्ते में दिख गया। वो मुझे देखा और मेरे पीछे आने लगा। मैं डर गई और जल्दी जल्दी लेडीज टॉइलट में घुसने लगी। 

अचानक उसने पीछे से मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे बोला “मैं आपको पसंद करता हूँ !!”

मैंने कहा – हाँ तो मैं क्या करू ?

वो लड़का मेरे करीब आकर धीरे से बोला “गर्लफ्रेंड बनोगी ?”

मैंने उसे हसकर मना किया और अपना हाथ छुड़ा कर बाथरूम में जाने लगी। 

तभी वो लड़का भी मेरे पीछे पीछे अंदर घुसा और मेरे मुँह पर हाथ रख कर मेरी गर्दन पर चूमने लगा। 

उसके गीले होठ जैसे ही मेरी गर्दन पर लगे मेरी चुत पानी टपकाने लगी। 

मैंने अपनी आंखें बंद की और गहरी सांस लेनी शुरू कर दी। वो लड़का एक हाथ से मेरा मुँह दबोच रखा था और दूसे हाथ को मेरी कमर पर लपेट रखा था। 

अचानक मैं भी सेक्सी फील करने लगी। जब ये दिखा की मैं भी पूरा आनंद ले रही हूँ तो उसे मेरे मुँह से हाथ हटाया और अपने दोनों हाथो से मेरी गांड दबोच लिया। 

गांड दबोच कर और मेरी छाती और कपड़ो के ऊपर से ही चूमने लगा। उस वक्त मेरा दिमाग खाली हो गया। 

वो अपने दोनों हाथो को पीछे से मेरी पजामी में डाला और मेरे बड़े चूतड़ों को दबाने लगा। 

मैं धीरे धीरे चुदाई के लिए तैयार होने लगी। उसके बाद उसके गले लग कर मैं भी उसकी गर्दन चूमने लगी और अपने दोनों हाथो  जीन्स का बटन खोलने लगी। 

बादतन खुलते ही उसका बड़ा काला लिंग बाहर लटकने लगा और मैं अपने छोटे नरम हाथ से उसका काला सख्त लंड हिलाने लगी।

मैंने जैसे ही उसका लंड हिलाना शुरू किया वो लड़का आक्रामक होने लगा। 

उसने जोर जोर से मेरे स्तनों को दबाया और उन्हें ऊपर से खींच कर ब्रा और सूट के ऊपर से बाहर निकाल दिया। 

मेरे दूध बाहर लटकने लगे जुन्हे उर्प अपने होठो से चूसते होते दातो से हल्का हल्का चबाने लगा। 

अपने साथ ऐसा अश्लील काम मैंने पहली बार किसी मर्द से करवाया था जिस वजह से मैं कुछ ही देर में गीली हो गई। 

उसने अपना एक हाथ मेरी कमर पर लपेटा और सामने से मेरी पजामी में हाथ घुसा कर कच्छी के ऊपर से मेरी योनी मसलने लगा। 

कुछ देर में जब चुत के पानी से कच्छी गीली होने लगी तो उसने जल्दी जल्दी मेरी पजामी उतारनी शुरू की। 

बाथरूम में काफी बू थी और वो काफी छोटा था। हमे काफी दिकत हो रही थी पर जब चुत लंड के मुँह से पानी टपक रहा हो तो दिमाग नहीं चलता।   

इसलिए उस लड़के ने मेरी पजामी और कच्छी नीचे की और अपना लंड निकाल कर मेरी दोनों जांघो के बीच घुसा दिया। 

उसके बाद वो अपना पूरा लिंग आगे पीछे करके मेरी जांघो को चोदने लगा साथ ही उसके लंड का ऊपरी हिंसा मेरी चुत पर रगड़ खाने लगा। 

हमदोनो आँखों में आंखे मिला कर गन्दी हरकत करने लगे। उसकी गर्म और सेक्सी सासो की हवा मेरे चेहरे पर पढ़ने लगी और मैं शर्म से अपना मुँह मोड़ कर चुदाई का पूरा आनंद लेने लगी।   

धीरे धीरे हमें पसीना आने लगे मेरी गर्दन से पसीने की एक बून्द टपक कर मेरे स्तनों के बीच चली गई। 

जब उसकी नजर मेरे स्तनों पर दोबारा पड़ी तो वो मुझे कमर से कस कर पकड़ा और छाती को चूसने लगा। 

इस तरह वो मेरी जांघ चोदता रहा और मेरी चुत से रस टपकने लगा। चुत का रस सारा लिंग गिला कर दिया और मेरी जंघे चिपचिपी हो गई। 

वो पल इतना सेक्सी था की मैं अपनी चुत से पानी छोड़ने लगी। मैं अपना मुँह आगे बधाई और उस लड़के के काले होठो को चूमने लगी। 

तभी वो जोश से भर गया और मेरे रसीले होठो को अपने होठो से चूसने लगा। 

मैं इतना सेक्सी फील कर रही थी की अचानक मेरी एक टांग कापने लगी। अचानक पता नहीं मुझे क्या हो गया मैं नीचे गिरने लगी उसी वक्त उस लड़के से मुझे सहारा देकर खड़ा रखा और मेरी जांघो को चोदता रहा। 

अचानक मेरी चुत से सफ़ेद पानी  धार निकल पड़ी जिसकी वजह से उसका पूरा लंड और मेरी टांगे अंदर से गीली हो गई। 

मेरी मुलायम और चुत से रस से गीली टांगो के बिच और जोर से अपने लंड को मारने लगा और मुझे चूमते हुए पूरा आनंद लेने लगा। 

पर दोस्तों मैं उस वक्त वहा सुसु करने आई थी जो की मैंने अभी तक नहीं किया। 

वो लड़का लगातार मेरी टांगो को चोदता रहा और मैं अपना मूत अंदर ही रोके रखी पर जब कुछ ज्यादा ही देर हो गई तो मुझ से रुका नहीं गया। 

मैं उसके लंड के ऊपर ही मूतने लगी। उसके लंड पर जब मेरा गर्म गर्म मूत पड़ा तो वो भी अपने आप को रोक नहीं स्का और मेरी जांघो के बीच ही अपना लंड झाड़ दिया। 

उसके बाद वो अपनी जीन्स पहना और मुझे से मेरा नंबर लेकर बाहर चला गया और मैं वही आधी नंगी खड़ी यही सोचती रही की अब क्या करू। 

क्यों की मेरी टांगे चुत लंड के रस और मेरे मूत से गीली थी और नीचे मेरी पजामी और कच्छी का भी यही हाल था। 

उसके बाद मैं वहा से कैसे और कब निकली ये मैं बताना नहीं चाहती। तो बस यही थी मेरी क्सक्सक्स कहानी अगर पसंद आई तो मुझे मेल करना और सेक्स के लिए तो बत ही पूछना। 

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